Azamgarh News: भ्रष्टाचार के खिलाफ आजाद अधिकार सेना का धरना चौथे दिन भी जारी, प्रशासन पर सवाल

Azamgarh News: आजमगढ़ के अंबेडकर पार्क में आजाद अधिकार सेना का धरना चौथे दिन भी जारी है। कार्यकर्ता जनसुनवाई, RTI और IGRS में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।

Update:2026-05-11 19:04 IST

Azamgarh News(Photo-Social Media)

Azamgarh News: आजमगढ़ जनपद में प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में आजाद अधिकार सेना का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। यह धरना कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में चल रहा है। धरने में कार्यकर्ता और आमजन सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार, जनसुनवाई की विफलता तथा RTI और IGRS शिकायतों के निस्तारण में हो रही लापरवाही के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले की तहसीलों, थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ केवल औपचारिकता की जा रही है और वास्तविक समाधान नहीं हो रहा है। IGRS और RTI के माध्यम से दर्ज शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित रह गया है।

“जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ जनठगई”

अशोक कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान स्थिति में जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ “जनठगई” की जा रही है। अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं और शिकायतों का वास्तविक समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

सत्ताधारी दल के लोग भी धरने में शामिल

हैरानी की बात यह है कि इस धरने में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े कई लोग भी अपनी समस्याओं को लेकर शामिल हुए हैं। जिलाध्यक्ष ने इसे प्रशासनिक तंत्र की विफलता बताया और कहा कि जब सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता ही खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कौन करेगा।

प्रशासनिक उदासीनता पर जताया रोष

धरने को चार दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आंदोलनकारियों से वार्ता नहीं की गई है। इस पर संगठन ने गहरा रोष व्यक्त किया है। अशोक सिंह ने कहा कि अधिकारियों की यह उदासीनता और संवेदनहीनता उनके अहंकार को दर्शाती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही संकेत नहीं है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। धरना स्थल पर लगातार बढ़ रही भीड़ प्रशासन के लिए एक बड़ा संकेत बन रही है कि जनता अब भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रही है।

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