Naresh Tikait Statement: सोने के भाव की जमीन कौड़ियों में ली, इंटरचेंज नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन

Naresh Tikait Statement: 18 दिनों से जारी धरने को मिला भाकियू का समर्थन, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज की मांग को लेकर महापंचायत

By :  Paras Jain
Update:2026-05-23 21:56 IST

Baghpat News (Social Media)

Baghpat News: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर इंटरचेंज (कट) की मांग को लेकर बागपत के गांगनोली गांव में पिछले 18 दिनों से चल रहे किसानों के धरने को रविवार को नई ऊर्जा मिली, जब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत महापंचायत में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार और जनप्रतिनिधियों पर तीखे सवाल उठाए।

महापंचायत में बागपत के अलावा मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद और हापुड़ सहित कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान और भाकियू कार्यकर्ता पहुंचे। किसानों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांगनोली के पास इंटरचेंज की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।

किसानों के साथ बड़ा अन्याय हुआ: टिकैत

सभा को संबोधित करते हुए नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों की जमीन विकास परियोजनाओं के लिए ली गई, लेकिन बदले में उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की “सोने के भाव की जमीन कौड़ियों के भाव में जबरन अधिग्रहित कर ली गई।” उन्होंने कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनके अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

टिकैत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि गांगनोली में इंटरचेंज की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने किसानों से सोमवार को और बड़ी संख्या में आंदोलन स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया।

जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना

महापंचायत में कई वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि 18 दिनों से धरना जारी है, लेकिन कोई सांसद, विधायक या मंत्री उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। मंच से चेतावनी दी गई कि जो जनप्रतिनिधि आंदोलन के समय किसानों के साथ नहीं खड़े होंगे, उन्हें चुनाव के दौरान क्षेत्र में वोट मांगने का अधिकार नहीं होगा।

डीजल की कीमतों पर भी बोले टिकैत

नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार की कर नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ईंधन पर लगाए गए टैक्स में कमी कर दे तो डीजल की कीमत 40 से 45 रुपये प्रति लीटर तक आ सकती है। उन्होंने कहा कि हाल में बढ़ाई गई कीमतों को सरकार समायोजित कर सकती थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संकट की घड़ी में किसान और देशवासी सरकार के साथ खड़े हैं।

इंटरचेंज की मांग क्यों?

गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा बागपत जिले से होकर गुजरता है। जिले में काठा, मवीकला और बिजरौल में इंटरचेंज पहले से प्रस्तावित हैं, लेकिन गांगनोली क्षेत्र के ग्रामीण भी अपने इलाके में इंटरचेंज की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन, व्यापार और विकास की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

किसानों का कहना है कि जब उनकी जमीन परियोजना के लिए ली गई है, तो स्थानीय लोगों को भी उसका सीधा लाभ मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर गांगनोली में आंदोलन लगातार जारी है और अब यह आंदोलन बड़े किसान जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

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