Balrampur News: 20 शिकायतें… 2 साल का संघर्ष… अब सीएम तक पहुंचा बरगदही पंचायत का मामला
Balrampur News : बलरामपुर की बरगदही पंचायत में विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप, 20 शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच।
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Balrampur News: बलरामपुर की बरगदही ग्राम पंचायत इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। वजह है- लगातार दो वर्षों से चल रही शिकायतों की लड़ाई। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं और जब स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने एक-दो नहीं, बल्कि करीब 20 बार शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय और उच्च अधिकारियों तक भेजीं। अब आखिरकार मामला प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है।
तुलसीपुर विकासखंड की यह पंचायत बलरामपुर मुख्यालय से करीब 9 किलोमीटर दूर है। गांव में चर्चा सबसे ज्यादा अमृत सरोवर योजना को लेकर है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जमीन पर तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। गांव वालों का कहना है कि जिस तालाब को “अमृत सरोवर” बताया गया, वह पहले से मौजूद था। केवल हल्का मिट्टी कार्य कराकर भारी भुगतान निकाल लिया गया।
ग्रामीण बताते हैं कि योजना के तहत बैठने की व्यवस्था, पाथवे, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर ऐसी सुविधाएं नहीं दिखाई देतीं। सबसे बड़ी बात यह कि गर्मी आते ही तालाब सूख जाता है और गांव वालों को इसका कोई खास फायदा नहीं मिल पाता।खड़ंजा निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रिकॉर्ड में हजारों ईंटें लगने की बात दर्ज है, जबकि मौके पर मुश्किल से कुछ मीटर ही निर्माण दिखाई देता है। आरोप यह भी है कि पुराने कार्यों को नया दिखाकर भुगतान निकाला गया।
सामुदायिक शौचालय भी गांव वालों की नाराजगी का कारण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि शौचालय में अक्सर ताला लगा रहता है और पानी की व्यवस्था तक नहीं है। इसके बावजूद रखरखाव और संचालन के नाम पर भुगतान जारी रहने की चर्चा है।लगातार शिकायतों के बाद हाल ही में जिला स्तरीय अधिकारी गांव पहुंचे और विकास कार्यों की जांच की। जांच टीम ने कई स्थानों का निरीक्षण किया, जिसके बाद गांव में चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार उनकी आवाज दबेगी नहीं।मामले में अधिकारी सुनील कुमार आर्य ने बताया कि लगातार शिकायतें मिलने के बाद जांच कराई जा रही है। निरीक्षण रिपोर्ट जिला स्तर पर भेज दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।अब गांव में हर किसी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। दो साल से शिकायतों की लड़ाई लड़ रहे ग्रामीणों को इंतजार है कि आखिर सच सामने आएगा या मामला फिर फाइलों में दब जाएगा।