Chandauli News: नौगढ़ में बिजली संकट गहराया, सीएम योगी के आदेशों के बावजूद जारी कटौती

Chandauli News: भीषण गर्मी में नौगढ़ और चकरघट्टा क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती से जनता परेशान, सीएम योगी के निर्देश भी बेअसर।

Update:2026-06-20 08:35 IST

Naugarh Power Crisis

Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से बिजली संकट को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के स्थानीय बाजार और मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति इन दिनों पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब लोगों को चौबीसों घंटे बिजली की सख्त जरूरत है, तब विभाग लगातार कटौती कर रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तहसील मुख्यालय का यह हाल है, तो ग्रामीण इलाकों (ग्राम्यांचल) की स्थिति कितनी बदतर होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों का भी स्थानीय बिजली विभाग पर कोई असर नहीं दिख रहा है। सीएम योगी ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि प्रदेश में रोस्टिंग के नाम पर बेवजह बिजली न काटी जाए, लेकिन नौगढ़ में उनके ये फरमान पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं।

आधी रात से लेकर सुबह तक घोषित कटौती (कोड रोस्टिंग)

बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच होने वाली बातचीत से यह साफ हो गया है कि नौगढ़ और चकरघट्टा फीडर में धड़ल्ले से 'कोड रोस्टिंग'(आधिकारिक बिजली कटौती) की जा रही है।

बिजली कटौती का शेड्यूल कुछ इस प्रकार चल रहा है:

नौगढ़ फीडर (11KV): रात 12:00 बजे से 2:00 बजे तक, सुबह 6:40 से 7:10 बजे तक और फिर सुबह 5:00 से 6:00 बजे तक सप्लाई बंद रखी जा रही है।चकरघट्टा फीडर: रात 12:01 से 2:00 बजे तक और रात 11:00 बजे से 1:00 बजे तक बिजली पूरी तरह गुल रहती है।ओपन बाई कोड कटौती: नौगढ़ में रात 11:00 बजे से लेकर रात 1:00 बजे तक 'ओपन बाई कोड' के नाम पर भी सप्लाई रोकी जा रही है।भीषण गर्मी में जनता त्रस्त, विभाग मस्त

इस लगातार हो रही कटौती के कारण नौगढ़ के व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश है। रात के समय बिजली कटने से लोगों की नींद हराम हो रही है, वहीं सुबह के समय कटौती से पानी का संकट खड़ा हो जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और सरकार की छवि को धूमिल करने में जुटे हैं। अब देखना यह है कि इस गंभीर समस्या पर जिले के उच्च अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।

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