यूपी पंचायत चुनाव से पहले CM योगी का मास्टरस्ट्रोक! दो ग्राम पंचायतों के बदले गए नाम,सियासत में हलचल

UP News: राज्य सरकार ने हरदोई और फिरोजाबाद जिलों की दो ग्राम पंचायतों के नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Update:2026-01-31 15:29 IST

Yogi Adityanath

UP News: उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने हरदोई और फिरोजाबाद जिलों की दो ग्राम पंचायतों के नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले की जानकारी यूपी सरकार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की है। सरकार के अनुसार, फिरोजाबाद जिले की तहसील और विकासखंड शिकोहाबाद स्थित ग्राम पंचायत वासुदेवमई के अंतर्गत आने वाले ग्राम उरमुरा किरार का नाम अब ‘हरिनगर’ होगा। वहीं, हरदोई जिले के विकासखंड भरावन की ग्राम पंचायत हाजीपुर का नाम बदलकर ‘सियारामपुर’ कर दिया गया है।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब राज्य में पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो रही हैं। इससे पहले भी हरदोई जिले के नाम परिवर्तन को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। करीब एक महीने पहले जिलाधिकारी कार्यालय से हरदोई का नाम बदलकर ‘प्रह्लाद नगरी’ करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस संबंध में डीएम कार्यालय की ओर से लोकसभा और विधानसभा सदस्यों, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों से सुझाव और अभिमत मांगे गए थे। यह प्रक्रिया प्रह्लाद नगरी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवम द्विवेदी के आग्रह पर शुरू की गई थी। जिलाधिकारी अनुनय झा ने जनप्रतिनिधियों से अपील की थी कि वे अपने विचार साझा करें, ताकि सभी सुझावों को संकलित कर शासन को भेजा जा सके।

नाम परिवर्तन के साथ-साथ योगी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को मजबूत करने की दिशा में भी तेजी से कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर सात भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हाल ही में शहरी विकास एवं आवास विभाग की बैठक में इस परियोजना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में प्रवेश करते ही लोगों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, आस्था और सभ्यतागत विरासत की झलक मिलनी चाहिए। प्रस्तावित प्रवेश द्वार पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और शिल्प को दर्शाएंगे। इन द्वारों के नाम संगम द्वार, नंदी-गंगा द्वार, सूर्य द्वार, व्यास द्वार, धर्म द्वार, कृष्ण द्वार और शौर्य द्वार रखे गए हैं। योजना के तहत प्रयागराज मार्ग पर संगम द्वार, वाराणसी मार्ग पर नंदी-गंगा द्वार, अयोध्या मार्ग पर सूर्य द्वार, सीतापुर रोड पर व्यास द्वार, हरदोई रोड पर धर्म द्वार, आगरा रोड पर कृष्ण द्वार और उन्नाव रोड पर शौर्य द्वार का निर्माण प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि ये पहल न सिर्फ सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेंगी, बल्कि प्रदेश की छवि को भी नई ऊंचाई देंगी।

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