Hapur News : हापुड़ में जियो टावर से 20 लाख के उपकरण चोरी, डेढ़ माह बाद दर्ज हुई एफआईआर
Hapur News : हापुड़ में जियो टावर से 20 लाख के उपकरण चोरी, डेढ़ महीने बाद दर्ज हुई एफआईआर, पुलिस जांच में जुटी, हाईटेक गिरोह की आशंका
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Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अब चोरों ने आम लोगों के घरों और दुकानों को निशाना बनाने के बजाय दूरसंचार नेटवर्क के महत्वपूर्ण ढांचे पर ही हाथ साफ कर दिया। कोतवाली क्षेत्र में स्थित जियो कंपनी के एक मोबाइल टावर से करीब 20 लाख रुपये से अधिक कीमत के हाईटेक उपकरण चोरी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के करीब डेढ़ माह बाद इस मामले में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टावर डाउन होने पर हुआ चोरी का खुलासा
जानकारी के अनुसार मेरठ जनपद के किनानगर निवासी तेजपाल शर्मा एटीसी/एलटीएस कंपनी में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। कंपनी द्वारा संचालित जियो मोबाइल टावर सीआई-यूएचडब्ल्यू सबली हाईवे के पास स्थापित है। तेजपाल शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 17 अप्रैल 2026 की सुबह करीब छह बजे उनके मोबाइल फोन पर टावर साइट डाउन होने की सूचना प्राप्त हुई थी।सूचना मिलने के बाद वह तत्काल मौके पर पहुंचे और टावर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उनके होश उड़ गए। टावर पर लगे सात महत्वपूर्ण आरआरए (रिमोट रेडियो एंटीना) उपकरण गायब मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अज्ञात चोर टावर से इन महंगे उपकरणों को चोरी कर ले गए हैं।
महत्वपूर्ण हैं चोरी हुए उपकरण
विशेषज्ञों के अनुसार आरआरए (Remote Radio Antenna) उपकरण मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता और सिग्नल ट्रांसमिशन में अहम भूमिका निभाते हैं। इन उपकरणों के चोरी होने से संबंधित क्षेत्र में नेटवर्क सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कंपनी अधिकारियों के मुताबिक चोरी हुए सातों उपकरणों की कुल कीमत 20 लाख रुपये से अधिक है।सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार की चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह तकनीकी जानकारी रखने वाले होते हैं, क्योंकि टावर पर लगे उपकरणों को निकालना और उन्हें सुरक्षित तरीके से ले जाना सामान्य चोरों के बस की बात नहीं होती।
डेढ़ महीने तक कंपनी करती रही तलाश
घटना सामने आने के बाद कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने स्तर से चोरी हुए उपकरणों तथा आरोपितों की तलाश करने का प्रयास किया। कई संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई गई, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। आखिरकार कंपनी की ओर से कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के सहारे जांच जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं टावरों पर चोरी की घटनाएं दूरसंचार कंपनियों के टावरों से बैटरी, केबल, रेडियो यूनिट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी होने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है, जो महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चोरी कर कबाड़ी बाजार या अन्य राज्यों में बेच देता है।
क्या बोले कोतवाली प्रभारी?
वहीं इस बाबत जानकारी देते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, मनीष चौहान ने बताया कि जियो टावर से उपकरण चोरी होने के मामले में तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।