सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी मोनिका यादव ने रचाई शादी, BJP नेता गौरव चौधरी संग लिये सात फेरे

Monika Yadav weds Gaurav Chaudhary: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी व फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव ने मेरठ के भाजपा नेता गौरव चौधरी संग हिमाचल प्रदेश में सात फेरे लिए हैं।

Update:2026-05-29 21:44 IST

Monika Yadav weds Gaurav Chaudhary: मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष व भाजपा नेता गौरव चौधरी और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव अब एक-दूजे के हो गए हैं। दोनों ने 28 मई को हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों के बीच एक सादे समारोह में सात फेरे लिए। इस विवाह में केवल दोनों के करीबी रिश्तेदार और परिवार वाले ही मौजूद रहे, किसी भी अन्य राजनेता या बाहरी व्यक्ति को आमंत्रित नहीं किया गया था। यह इन दोनों ही नेताओं की दूसरी शादी है। मोनिका यादव आजमगढ़ से सांसद और सपा नेता धर्मेंद्र यादव की पूर्व पत्नी हैं, जिनसे उनका काफी पहले तलाक हो चुका था। वहीं, गौरव चौधरी भी अपनी पहली पत्नी से कानूनी तौर पर अलग हो चुके हैं।

इन दोनों नेताओं के करीब आने की शुरुआत लखनऊ से हुई। जिला पंचायत अध्यक्षों की विभागीय बैठकों के सिलसिले में दोनों अक्सर लखनऊ में मिला करते थे। पिछले करीब एक साल से उनके बीच बातचीत चल रही थी। मुलाकातों का यह सिलसिला धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदला और फिर दोनों ने अपने पुराने अतीत को पीछे छोड़कर एक साथ नया सफर शुरू करने का मन बना लिया।


मोनिका यादव का ताल्लुक फर्रुखाबाद के एक बेहद रसूखदार सियासी परिवार से है। उनके पिता नरेंद्र सिंह यादव छह बार विधायक रहे हैं और मुलायम व अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। सियासत उनके खून में है, क्योंकि उनके दादा राजेंद्र सिंह यादव भी सात बार विधायक रहे थे और उन्होंने भी यूपी सरकार में मंत्री के तौर पर काम किया था। मुलायम सिंह यादव से पिता नरेंद्र सिंह की गहरी राजनीतिक और पारिवारिक दोस्ती के चलते ही मोनिका का विवाह मुलायम के भतीजे धर्मेंद्र यादव से हुआ था। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में दरार आ गई और बात तलाक तक पहुंच गई। तलाक के बाद धर्मेंद्र यादव ने अपना घर फिर से बसा लिया था और मोनिका अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गईं।


अपने पारिवारिक रसूख के चलते मोनिका भी राजनीति में सक्रिय रहीं, लेकिन 2016 के पंचायत चुनाव में उन्हें अपनी ही पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी का शिकार होना पड़ा और उन्हें हार झेलनी पड़ी। इस तल्खी और उपेक्षा के चलते उन्होंने 2021 में सपा का साथ हमेशा के लिए छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।


भाजपा के समर्थन से ही वह उसी साल फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष बनने में कामयाब रहीं। राजनीति के इसी नए सफर और नई जिम्मेदारी के दौरान उनकी मुलाकात मेरठ के गौरव चौधरी से हुई, जो अब एक जीवन भर के मजबूत रिश्ते में तब्दील हो चुकी है।


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