Fatehpur News: सीमा पर डटे जवानों को पेंशन दो, अटेवा ने निकाली OPS तिरंगा यात्रा

Fatehpur News: फतेहपुर में अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर OPS तिरंगा यात्रा निकाली। करीब 2,000 शिक्षक-कर्मचारियों ने हिस्सा लेकर शिक्षक-कर्मचारियों और सीमा पर तैनात जवानों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाई।

Update:2026-08-21 19:44 IST

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Fatehpur News: अटेवा पेंशन बचाओ मंच, फतेहपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को भारत के सैनिकों के सम्मान और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर OPS तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में शिक्षक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार से शिक्षक-कर्मचारियों के साथ सीमा पर डटे जवानों के लिए भी पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई गई।

यात्रा की शुरुआत नहर कॉलोनी से हुई, जहां बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी एकत्र हुए। यहां से सभी पटेल नगर चौराहे पहुंचे और सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ तथा ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इसके बाद भारत माता की जय और पुरानी पेंशन बहाली के नारों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई।यात्रा वर्मा चौराहा, ज्वालागंज, सदर अस्पताल, पत्थरकटा चौराहा और विद्यार्थी चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।यात्रा में शामिल स्नातक विधायक, झांसी खंड, मान सिंह यादव ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है।

इसकी रक्षा करते हुए अनेक वीर सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक दिन के सांसद या विधायक को पेंशन मिल सकती है तो देश की सीमा पर डटे बीएसएफ, पैरामिलिट्री और सीआरपीएफ के जवानों को पेंशन क्यों नहीं मिलनी चाहिए।उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि सरकार देश को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा करती है, लेकिन शिक्षक-कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर रही है। नगर पालिका परिषद फतेहपुर के अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने यात्रा में शामिल होकर OPS बहाली की मांग का समर्थन किया।

अटेवा की जिला संयोजिका डॉ. असफिया मजहर ने कहा कि OPS ही शिक्षक और कर्मचारी हित में बेहतर विकल्प है। कृषि मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पुरानी पेंशन लागू की जा सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं।अटेवा जिलाध्यक्ष निधान सिंह ने कहा कि NPS से कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से OPS, NPS और UPS तीनों विकल्प कर्मचारियों को देने की मांग की।आयोजकों के अनुसार, यात्रा में करीब 2,000 शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए। पीडब्ल्यूडी, कृषि, जल निगम, नगर पालिका, डाक विभाग, माध्यमिक शिक्षक संघ, कलेक्ट्रेट, लेखपाल, स्वास्थ्य, फार्मासिस्ट और नर्सिंग समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने यात्रा में सहभागिता की।

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