Gonda News: गोंडा में 9 राज्यों में ठगी करने वाला साइबर गैंग बेनकाब

Gonda News: गोंडा पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के 9 आरोपियों को दबोचा, 14.87 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए, 347 पासबुक और 177 एटीएम कार्ड बरामद हुए।

Update:2026-05-23 19:26 IST

गोंडा में 9 राज्यों में ठगी करने वाला साइबर गैंग बेनकाब (Photo- Newstrack)

Gonda News: गोंडा साइबर सेल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले 9 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन सिंह, कुलदीप वर्मा, रोहित सिंह, सूरज कुमार सिंह, मोहित सिंह, रंजीत कुमार, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद समीर और आलोक गुप्ता के रूप में हुई है। इनके पास से 347 पासबुक, 177 एटीएम कार्ड, 22 आधार कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 20,290 रुपये नकद तथा तीन मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। साथ ही विभिन्न बैंक खातों में जमा 14 करोड़ 87 लाख 6 हजार 879 रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है।

साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराध

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में लेकर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों में करते थे। ठगी की रकम खातों में मंगवाकर आरोपी 40 से 60 प्रतिशत कमीशन पर आपस में बांट लेते थे।


पुलिस को जांच के दौरान विभिन्न खातों का विवरण, नेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड और आरोपियों की आपसी चैटिंग भी मिली है, जिससे गिरोह के संगठित तरीके से काम करने की पुष्टि हुई है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश समेत 9 राज्यों के लोगों को निशाना बना चुका था।

एनसीआरपी पोर्टल पर 212 शिकायतें दर्ज

पुलिस ने कुल 46 बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें से 17 खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 212 शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले भी जेल जा चुके हैं।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि साइबर सेल प्रभारी संजय कुमार गुप्ता और साइबर एक्सपर्ट हरिओम टंडन की टीम लगातार गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गिरोह का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।

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