Gonda News: कर्नलगंज में धड़ल्ले से चल रहा अवैध मिट्टी खनन, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
Gonda News: कर्नलगंज तहसील क्षेत्र में मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच और नियमित कार्रवाई की मांग की। लगातार खनन से पर्यावरण व राजस्व प्रभावित होने की आशंका जताई।
कर्नलगंज में धड़ल्ले से चल रहा अवैध मिट्टी खनन, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल (Photo- Newstrack)
Gonda News: गोंडा के कर्नलगंज तहसील क्षेत्र में इन दिनों कथित अवैध मिट्टी खनन का कारोबार बड़े पैमाने पर चलने का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से लगातार मिट्टी का खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद इसे रोकने के लिए न तो खनन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है और न ही क्षेत्रीय प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है।
कृषि भूमि और पर्यावरण पर असर की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर लगातार मिट्टी का खनन होने से कृषि भूमि और आसपास के क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका आरोप है कि खुलेआम खनन होने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। इसी वजह से कथित अवैध खनन करने वालों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बिना अनुमति के खनन किया जा रहा है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में पर्यावरण के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में लगातार चल रहे कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर संबंधित विभाग और प्रशासन की नजर इस ओर क्यों नहीं पड़ रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जब खुलेआम इस तरह का काम हो रहा है तो इसकी निगरानी और रोकथाम के लिए जिम्मेदार विभागों को सक्रिय होना चाहिए।
संरक्षण के आरोप, प्रशासन से सघन अभियान की मांग
सूत्रों के अनुसार, खुलेआम चल रहे इस कथित अवैध मिट्टी खनन कारोबार को स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और खनन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह भी आरोप है कि निश्चित मोटी रकम मिलने के कारण खनन माफिया बेखौफ होकर धरती का सीना छलनी कर रहे हैं और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और खनन विभाग से मामले का संज्ञान लेकर नियमित सघन निरीक्षण अभियान चलाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।