BSP के बड़े चेहरे श्रीपाल सिंह थाम सकते हैं भाजपा का दामन, बढ़ेगी हलचल

श्रीपाल सिंह का राजनीतिक सफर लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी से जुड़ा रहा है। वह जिले में बसपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं और वर्ष 2017

By :  Avnish Pal
Update:2026-06-06 22:27 IST

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Hapur News: हापुड़ जिले की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कद्दावर नेता रहे और नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष पुष्पा देवी के पति श्रीपाल सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम सकते हैं। भाजपा संगठन के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश स्तर पर हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद उनकी भाजपा में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि हाल ही में भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और जिला संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में श्रीपाल सिंह की महत्वपूर्ण मुलाकात हुई, जिसमें उन्हें पार्टी में सम्मानजनक तरीके से शामिल करने को लेकर सकारात्मक सहमति बनी है। क्षेत्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

बसपा का मजबूत चेहरा रहे हैं श्रीपाल सिंह

श्रीपाल सिंह का राजनीतिक सफर लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी से जुड़ा रहा है। वह जिले में बसपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं और वर्ष 2017 में बसपा के टिकट पर हापुड़ विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका अपना मजबूत जनाधार और प्रभावशाली समर्थक वर्ग है, जिसका असर आज भी जिले की राजनीति में दिखाई देता है। हापुड़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनहित कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी लगातार बनी रहती है। यही वजह है कि विभिन्न वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

पालिकाध्यक्ष पुष्पा देवी के जरिए नगर राजनीति में मजबूत पकड़

वर्तमान में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष पुष्पा देवी हैं, जबकि उनके पति श्रीपाल सिंह स्थानीय निकाय राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। शहर में विकास कार्यों की निगरानी, जनसमस्याओं के समाधान और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी उन्हें एक प्रभावशाली जननेता के रूप में स्थापित करती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि श्रीपाल सिंह भाजपा में शामिल होते हैं तो इसका सीधा लाभ पार्टी को नगर निकाय और विधानसभा चुनावों में मिल सकता है।

मायावती परिवार से रिश्तेदारी के चलते भी रहे चर्चाओं में

श्रीपाल सिंह का नाम प्रदेश की राजनीति में उस समय भी सुर्खियों में आया था, जब वर्ष 2023 में उनके पुत्र का विवाह बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भाई की बेटी से हुआ था। इस रिश्ते के बाद उनका परिवार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया था।

हालांकि बाद में पारिवारिक विवाद के चलते मामला न्यायालय तक पहुंचा और दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद विवाद समाप्त हो गया और वैवाहिक संबंध भी कानूनी रूप से खत्म हो गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बसपा से उनकी दूरी बढ़ गई थी।

भाजपा नेतृत्व से हुई अहम मुलाकात

सूत्रों के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ श्रीपाल सिंह की करीब 35 मिनट तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में उनके राजनीतिक अनुभव, जनाधार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मिलने वाले संभावित लाभ पर चर्चा की गई।भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें संगठन में सम्मानजनक स्थान देने के पक्ष में है। यही कारण है कि उनकी सदस्यता को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

पश्चिमी यूपी की राजनीति पर पड़ सकता है असर

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि श्रीपाल सिंह के भाजपा में शामिल होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर मजबूती मिल सकती है। विशेष रूप से हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में उनका प्रभाव भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनके नाम को संभावित दावेदारों की सूची में भी देखा जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

भाजपा में शामिल होने के संकेत पर क्या बोले श्रीपाल सिंह

पूर्व बसपा नेता श्रीपाल सिंह ने कहा कि भाजपा "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" की विचारधारा पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी में सकारात्मक सोच के लोग हैं और भाजपा के साथ जुड़कर क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण निर्णय होंगे, जिनका सीधा लाभ जनता और विकास कार्यों को मिलेगा।

जिले की राजनीति में बढ़ी हलचल

श्रीपाल सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं ने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। बसपा से जुड़े कार्यकर्ता जहां इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा नेतृत्व कब और किस मंच से श्रीपाल सिंह की औपचारिक सदस्यता की घोषणा करता है।यदि यह राजनीतिक समीकरण साकार होता है तो हापुड़ की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर आने वाले चुनावी मुकाबलों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।

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