Hapur News: हापुड़ में 18.41 लाख की हेराफेरी, 9 साल पुराने अकाउंटेंट पर धोखाधड़ी का आरोप, FIR दर्ज

Hapur News: हापुड़ की एक पशु आहार निर्माता कंपनी में 18.41 लाख रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। कंपनी के 9 साल पुराने अकाउंटेंट पर अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।

By :  Avnish Pal
Update:2026-08-07 10:05 IST

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Hapur News: हापुड़ में एक पशु आहार निर्माता कंपनी से 18.41 लाख रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद कारोबारी जगत में हलचल मच गई है। कंपनी के निदेशक की शिकायत पर थाना हापुड़ देहात पुलिस ने कंपनी के लंबे समय से कार्यरत अकाउंटेंट के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

नौ साल से संभाल रहा था पूरा वित्तीय सिस्टम

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, ग्राम पटना स्थित सूर्या एग्रीमार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में हाफिजपुर थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर निवासी प्रवेश शर्मा पिछले करीब नौ वर्षों से मुख्य अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। कंपनी के दैनिक वित्तीय संचालन, नकद भुगतान, लेबर का हिसाब, माल की खरीद-बिक्री, परिवहन व्यय और बैंकिंग संबंधी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उसी के पास थीं। लंबे समय से जुड़े होने के कारण कंपनी प्रबंधन को उस पर पूरा भरोसा था।

ऑडिट और मिलान में सामने आई लाखों की कमी

शिकायत के मुताबिक, 13 मई 2026 को कंपनी के खातों और नकद लेन-देन का मिलान किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक राशि में लगभग 18.41 लाख रुपये का अंतर सामने आया। इस गड़बड़ी को लेकर जब संबंधित अकाउंटेंट से जवाब मांगा गया तो उसने कथित रूप से रकम का हिसाब न होने की बात स्वीकार की और भरोसा दिलाया कि अगले दिन पूरी राशि कंपनी के बैंक खाते में जमा कर देगा।

अगले दिन से ही नहीं पहुंचा कंपनी, बढ़ा शक

कंपनी का आरोप है कि रकम लौटाने का आश्वासन देने के बाद आरोपी अगले दिन कार्यालय नहीं पहुंचा। लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उससे कोई संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि उसके गांव हरसिंहपुर स्थित घर पहुंचे, जहां परिजनों ने बताया कि वह कुछ दिनों के लिए बाहर गया है। कंपनी का कहना है कि उसे किसी भी आधिकारिक कार्य से बाहर नहीं भेजा गया था, जिससे संदेह और गहरा हो गया।

पुलिस तक पहुंचा मामला, दर्ज हुई एफआईआर

घटना के बाद कंपनी के निदेशक वरुण आर्य ने थाना हापुड़ देहात में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

कारोबारी जगत में चर्चा का विषय बना मामला

स्थानीय व्यापारिक क्षेत्र में इस घटना की व्यापक चर्चा है। लंबे समय तक कंपनी में कार्यरत कर्मचारी पर लगे आरोपों ने अन्य कारोबारियों को भी अपने वित्तीय प्रबंधन और आंतरिक निगरानी व्यवस्था को लेकर सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित ऑडिट, डिजिटल रिकॉर्ड और समय-समय पर वित्तीय सत्यापन से इस प्रकार की संभावित अनियमितताओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि कंपनी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और आरोपी की तलाश भी की जा रही है।

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