Hapur News: रजिस्ट्रेशन के कागज नहीं दिखा सका पैथोलॉजी लैब संचालक, स्वास्थ्य विभाग ने थमाया नोटिस
Hapur News: हापुड़ के पक्का बाग स्थित निशांत पैथोलॉजी लैब की जांच में संचालक रजिस्ट्रेशन से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सका। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन में जवाब और अभिलेख प्रस्तुत करने का नोटिस दिया है।
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Hapur News: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर संचालित होने वाली पैथोलॉजी लैबों की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पक्का बाग स्थित निशांत पैथोलॉजी लैब पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। टीम ने लैब के संचालन से संबंधित पंजीकरण समेत अन्य जरूरी अभिलेख मांगे, लेकिन संचालक मौके पर रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए लैब संचालक को नोटिस जारी कर दिया।
रजिस्ट्रेशन समेत मांगे गए जरूरी दस्तावेज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लैब में पहुंचने के बाद सबसे पहले संचालन की वैधता से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ली। अधिकारियों ने पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ ही अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा। जांच के दौरान रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर टीम ने संचालक से स्पष्टीकरण मांगा।अधिकारियों ने मौके पर ही नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए कि दो दिन के भीतर लैब के पंजीकरण और संचालन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज स्वास्थ्य विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। निर्धारित समय में जवाब और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में विभाग की ओर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब लैब संचालक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, संचालक द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि अभिलेख वैध और निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की प्रक्रिया तय होगी। वहीं, दस्तावेज नहीं मिलने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर विभाग कार्रवाई कर सकता है।स्वास्थ्य विभाग की लगातार चल रही जांच से जिले में संचालित पैथोलॉजी लैब संचालकों में खलबली मची हुई है। विभाग का फोकस इस बात पर है कि मरीजों की जांच करने वाली लैबें निर्धारित नियमों और मानकों के तहत ही संचालित हों।
मरीजों की जांच से जुड़ा मामला, इसलिए विभाग सख्त
पैथोलॉजी लैब में मरीजों की जांच के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट सीधे उनके इलाज और चिकित्सकीय निर्णय से जुड़ी होती है। ऐसे में लैब का निर्धारित मानकों के अनुसार संचालन और जरूरी पंजीकरण होना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी लैब को नियमों की अनदेखी कर संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहुजा ने बताया कि निशांत पैथोलॉजी लैब के संचालक को दो दिन के भीतर अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज मिलने के बाद उनकी जांच कराई जाएगी। यदि अभिलेख नियमों के अनुरूप नहीं मिले या संचालक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।