Newstrack की खबर का असर: किशोर से मरीज को ड्रिप लगवाने वाला क्लीनिक सील, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
Hapur News: हापुड़ के सिंभावली स्थित संजीवनी हेल्थ क्लीनिक में किशोर द्वारा महिला मरीज को ड्रिप लगाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। जांच में आरोप सही मिलने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया।
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Hapur News: सिंभावली हरोड़ा मोड़ स्थित संजीवनी हेल्थ क्लीनिक में मरीजों की जिंदगी से कथित खिलवाड़ का मामला सामने आने के बाद Newstrack वेबसाइट की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। क्लीनिक में मरीजों को भर्ती कर उपचार किए जाने और एक किशोर से महिला मरीज को ड्रिप लगवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना मानकों के संचालित क्लीनिकों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
दरअसल, सोमवार को सोशल मीडिया पर संजीवनी हेल्थ क्लीनिक का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में क्लीनिक के अंदर हॉस्पिटल बेड के साथ-साथ चारपाई पर भी मरीजों को भर्ती कर उपचार किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा था। इसी दौरान एक महिला मरीज को लगी ड्रिप की जांच एक किशोर द्वारा करते हुए दिखाई दिया।वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि यदि क्लीनिक में इस तरह मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा था तो विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
Newstrack ने उठाया मामला, स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
मामले को Newstrack ने प्रमुखता से उठाते हुए मरीजों की सुरक्षा और क्लीनिक में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सामने रखा। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और क्लीनिक पर पहुंचकर जांच की।जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विभाग ने क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ऐसे अन्य क्लीनिकों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है, जहां पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ के बिना मरीजों का उपचार किए जाने के आरोप लगते रहे हैं।
नाबालिग से ड्रिप लगवाने का आरोप सही मिला
डिप्टी सीएमओ डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नाबालिग से मरीज को ड्रिप लगवाने का आरोप सही पाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्लीनिक को सील कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। उनके आदेश के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
क्लीनिक पर हुई कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित अन्य क्लीनिकों की भी जांच कराई जाए। व्यापारी नेता अनिल गोयल ने कहा कि अप्रशिक्षित लोगों से मरीजों का उपचार कराने, बिना पर्याप्त सुविधाओं के मरीजों को भर्ती करने वाले क्लीनिकों और नियमों का उल्लंघन करने वाले चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि कई बार कार्रवाई के बाद कुछ समय बीतते ही ऐसे प्रतिष्ठानों का संचालन दोबारा शुरू होने की शिकायतें सामने आती हैं। इसलिए कार्रवाई के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नियमों का उल्लंघन करने वाले क्लीनिक दोबारा मरीजों का उपचार शुरू न कर सकें।वहीं, स्थानीय निवासी महेंद्र ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
अब जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
क्लीनिक सील किए जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल Newstrack की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभाग ने संज्ञान लेना शुरू कर दिया है।