Hapur News: जर्जर मकान का लिंटर गिरने से मलबे में दबा युवक, पैर में फ्रैक्चर; परिजनों ने बचाया
Hapur News: हापुड़ में जर्जर मकान का लिंटर अचानक गिरने से युवक मलबे में दब गया। परिजनों ने बचाया, पैर में फ्रैक्चर के बाद अस्पताल में उपचार जारी।
Hapur News(Photo-Social Media)
Hapur News: नगर क्षेत्र के मोहल्ला संभुपुरा में रात के समय एक जर्जर मकान के लिंटर का भारी प्लास्टर अचानक भरभराकर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। जिस समय लिंटर का हिस्सा नीचे गिरा, उस वक्त मकान के अंदर नंदकिशोर सो रहे थे। अचानक गिरे मलबे की चपेट में आने से वह उसके नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज आवाज के साथ प्लास्टर गिरने से मकान में चीख-पुकार मच गई।आवाज सुनकर परिवार के लोग घबराकर मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो वह भी मदद के लिए दौड़ पड़े। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद नंदकिशोर को मलबे के नीचे से बाहर निकाला गया। हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की।
सोते समय अचानक सिर पर आ गिरा लिंटर का भारी प्लास्टर
जानकारी के अनुसार संभुपुरा निवासी नंदकिशोर रात के समय अपने घर में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि मकान का लिंटर काफी समय से जर्जर हालत में था। रात में अचानक लिंटर के एक हिस्से का भारी प्लास्टर कमजोर होकर नीचे आ गिरा। प्लास्टर गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि परिवार के लोग घबरा गए। नंदकिशोर उसी स्थान पर सो रहे थे, जिसके चलते वह मलबे की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पड़ोसियों ने पहुंचकर शुरू किया रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास रहने वाले लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों और पड़ोसियों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबा भारी होने के कारण नंदकिशोर को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।स्थानीय लोगों के प्रयास से घायल नंदकिशोर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उस समय उनके पैर में गंभीर चोट लगी हुई थी और वह दर्द से कराह रहे थे। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।
चिकित्सकों ने जांच के बाद फ्रैक्चर की पुष्टि की
अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल नंदकिशोर की जांच की। जांच के दौरान उनके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई। इसके बाद चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू कर दिया। फिलहाल उनका उपचार जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। गनीमत रही, बड़ा हादसा टला हादसे के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। गनीमत यह रही कि लिंटर का मलबा गिरने के समय उसकी चपेट में केवल नंदकिशोर ही आए। यदि मलबा परिवार के किसी अन्य सदस्य के ऊपर गिरता तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।घटना ने पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संभुपुरा समेत शहर के कई इलाकों में पुराने मकान और उनकी छतों के लिंटर लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। ऐसे भवनों की समय रहते मरम्मत नहीं होने पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जर्जर मकानों के सर्वे की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि नगर क्षेत्र में जर्जर और पुराने भवनों का सर्वे कराया जाए। ऐसे मकानों को चिन्हित किया जाए, जिनमें छत, लिंटर या अन्य निर्माण हिस्सा कमजोर हो चुका है।लोगों का कहना है कि बारिश और मौसम के बदलाव के दौरान पुराने निर्माण और अधिक कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका वाले भवनों की जांच कराकर भवन स्वामियों को समय रहते आवश्यक मरम्मत कराने के लिए जागरूक किया जाना जरूरी है।
एक हादसे ने बढ़ाई लोगों की चिंता
संभुपुरा की इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी अपने आसपास मौजूद जर्जर मकानों को लेकर सतर्क कर दिया है। लोगों का कहना है कि कई बार छत या लिंटर में दरारें और प्लास्टर गिरने जैसी स्थिति को मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यही लापरवाही बाद में गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि संभावित हादसों वाले भवनों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उनके मकान का लिंटर या छत जर्जर हालत में है तो उसे नजरअंदाज न करें और समय रहते उसकी जांच व मरम्मत कराएं।