Hardoi News: बघौली में 41वीं किसान पंचायत, महापंचायत की चेतावनी

Hardoi News: बघौली स्टेशन पर 41वीं किसान पंचायत, ट्रेनों के ठहराव को लेकर फिर गरजी आवाज, महापंचायत की चेतावनी

Update:2026-05-30 19:59 IST

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Hardoi News: जनपद के बघौली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) की 41वीं मासिक किसान पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर रेलवे से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और ट्रेनों के ठहराव की मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया।कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष राम लखन पाठक ने की, जबकि संचालन युवा जिला अध्यक्ष अरविंद सिंह ‘बबलू’ ने किया। पंचायत में मंडल अध्यक्ष रावेंद्र सिंह चौहान समेत संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि बघौली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि इसके लिए पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।किसान नेताओं ने बताया कि 31 जनवरी 2023 से प्रत्येक माह की अंतिम तिथि को स्टेशन परिसर में किसान पंचायत आयोजित कर रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाता रहा है। इसके बावजूद अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सांसद और विधायक द्वारा भी रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा चुकी है, लेकिन यात्रियों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका है।

एक्सप्रेस से लेकर पैसेंजर ट्रेन के ठहराव और संचालन की मांग

पंचायत में वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस, प्रयागराज संगम-बरेली एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस तथा सद्भावना एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का बघौली स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा शाहजहांपुर-लखनऊ मेमू ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने, शाहजहांपुर-बालामऊ पैसेंजर को लखनऊ तक बढ़ाने तथा बंद हो चुकी सहारनपुर-लखनऊ और प्रयागराज-बरेली पैसेंजर ट्रेनों को पुनः शुरू करने की भी मांग उठाई गई।किसान यूनियन ने रेलवे प्रशासन से मुरादाबाद मंडल के डीआरएम और बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली स्थित रेलवे मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बघौली स्टेशन पर बैठक कराने की भी मांग की है, ताकि क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।पंचायत के अंत में संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 30 जून 2026 तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो बघौली रेलवे स्टेशन पर किसानों, व्यापारियों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों की संयुक्त महापंचायत आयोजित की जाएगी। संगठन का कहना है कि इसके बाद होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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