Hardoi News: स्कूल वैन का पिछला पहिया निकला, छह बच्चे बाल-बाल बचे; टला बड़ा हादसा
Hardoi News: लखनऊ रोड पर चलते समय स्कूल वैन का पिछला पहिया निकलने से हड़कंप, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Hardoi School Van Accident
Hardoi News: सोमवार सुबह लखनऊ रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूली बच्चों को लेकर जा रही मारुति वैन का अचानक पिछला पहिया निकल गया। वैन में छह बच्चे सवार थे और सभी स्कूल जा रहे थे। गनीमत रही कि पहिया निकलने के बावजूद चालक ने वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे सड़क किनारे रोक लिया। हादसे में किसी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है।घटना सोमवार सुबह करीब आठ बजे की बताई जा रही है।
लखनऊ रोड पर साईं दास ज्वेलर्स के पास वैन बच्चों को लेकर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान अचानक वाहन का पिछला पहिया निकल गया। पहिया निकलते ही वैन का संतुलन बिगड़ गया और चालक ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए वाहन की गति नियंत्रित कर उसे रोक दिया। अचानक हुई घटना से वैन में बैठे बच्चे घबरा गए, लेकिन कुछ ही देर में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई
बताया गया कि वैन में सेंट जेम्स स्कूल के छह बच्चे सवार थे। वाहन रुकने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों की स्थिति देखी। सभी बच्चे सुरक्षित पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई। हालांकि किसी बच्चे के चोटिल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जिस समय वैन का पहिया निकला, उस वक्त यदि वाहन तेज गति में होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इसके अलावा पीछे से आने वाला कोई वाहन यदि वैन से टकरा जाता तो बड़ा हादसा होने की आशंका थी। चालक की सतर्कता के कारण वाहन समय रहते रुक गया और छह बच्चों की जान बच गई।
घटना के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने स्कूल वाहनों की नियमित जांच और उनकी फिटनेस पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में मामूली तकनीकी खराबी भी कभी-कभी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।घटना ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा और नियमित मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वाहनों की समय-समय पर जांच, टायरों और अन्य जरूरी हिस्सों की स्थिति की निगरानी बेहद जरूरी है।