Hardoi News: महिला लेखपाल प्रकरण: SDM पर दबाव बनाने के प्रयास का वीडियो वायरल, चर्चाओं का बाजार गर्म

Hardoi News: हरदोई के शाहाबाद तहसील में महिला लेखपाल पूजा देवी और एसडीएम से जुड़े विवाद के बीच एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Update:2026-07-07 15:40 IST

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Hardoi News: हरदोई जनपद के शाहाबाद तहसील में महिला लेखपाल पूजा देवी द्वारा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पर लगाए गए आरोपों के बाद अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर क्षेत्र में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि महिला लेखपाल के पिता राकेश कुमार, जो शाहाबाद तहसील में अधिवक्ता बताए जा रहे हैं, कुछ अन्य अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे।

वीडियो में कार्यालय के भीतर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।दूसरी ओर, एसडीएम का कहना है कि लेखपाल से पूछताछ के दौरान उनके कार्यालय कक्ष में पांच कर्मचारी मौजूद थे। उनका दावा है कि यदि किसी प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं तो उस समय मौजूद कर्मचारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि कार्यालय में किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार उनकी ओर से नहीं किया गया।

इधर, पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत थी तो उसे निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी या अन्य सक्षम अधिकारी के समक्ष रखा जा सकता था। वहीं, कुछ लोग वायरल वीडियो को एसडीएम पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कार्यालयी कार्य को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों में कई कर्मचारी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद कार्यालय का कार्य करते हैं, इसलिए कार्य आवंटन को लेकर विवाद उचित माध्यम से उठाया जाना चाहिए। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि महिला लेखपाल द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके।फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों और वायरल वीडियो में कितनी सच्चाई है। तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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