Jhansi साइबर फ्रॉड और सट्टेबाजी का नया हब बनता बुंदेलखंड, झांसी का प्रेमनगर सबसे ज्यादा चर्चाओं में
Jhansi News : देलखंड में तेजी से फैल रहा साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क, झांसी का प्रेमनगर बना बड़ा केंद्र
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Jhansi News : बुंदेलखंड साइबर धोखाधड़ी के नए केंद्र के रुप में उभऱ रहा है, जहां स्थानीय स्तर पर पुराने मोबाइलों के मदरबोर्ड और अवैध सिम का उपयोग करके साइबर ठगी की फैक्ट्रियां चलाई जा रही है। सूखे और बेरोजगारी का दंस झेल रहे बुंदेलखंड के अधिकांश जिले साइबर फ्रॉड के हब बनते जा रहे हैं। चंद रुपए की खातिर गरीब व बेरोजगार युवा अपना बैंक खाता साइबर फ्रॉड के अपराधियों की मुहैया कराते है और बाद में पकड़े जाने के पर खुद आरोपी बन जाते हैं। इसी कारण उनका जीवन कानूनी झमले में उलझता जाता है, जिनसे निकलना का कोई रास्ता नहीं मिलता है। यहां का पढ़ा लिखा और बेरोजगार युवा अपराध के दल-दल में शमा जाता है।
बढ़ते खतरे और सुरक्षा प्रयास
बुंदेलखंड (विशेषकर झाँसी, बाँदा, जालौन और चित्रकूट) में आम जनता 'डिजिटल अरेस्ट' और लुभावने ऑनलाइन ऑफर्स के जरिए लगातार ठगी का शिकार हो रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें लगातार अवैध कॉल सेंटर्स और जाली मोबाइल उपकरण डीलरों पर छापेमारी कर रही है। बाहरी राज्यों के साइबर ठग अब इस इलाके का इस्तेमाल स्थानीय युवाओं को लालच देकर 'म्यूल अकाउंट्स' (धोखाधड़ी के पैसे मंगाने के लिए किराए के बैंक खाते) और सिम कार्ड उपलब्ध कराने के लिए कर रहे हैं ।
बुंदेलखंड में साइबर फ्रॉड का बढ़ता जाल
झांसी में बड़ा रैकेट: हाल ही में झांसी पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों का फ्रॉड कर रहा था । यह गिरोह चीनी वेबसाइट्स और विदेशी सर्वर का उपयोग कर रहा था और सात स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बांदा में साइबर ठगों द्वारा संचालित एक मोबाइल फैक्ट्री पकड़ी गई है, जहां पुराने खराब मोबाइल्स को ठीक करके राजस्थान और हरियाणा के साइबर ठगों को भेजा जाता था ।
100 करोड़ का सट्टा रैकेट
पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया जो आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन दांव लगवा रहा था। इसमें सौ करोड़ के सट्टे के मामले में बर्खास्त सिपाही रजत कुमार भी शामिल था। इसकी प्रेमिका यशस्वी द्विवेदी भी शामिल है, जो जेल में निरुद्ध है। वह स्नातक की शिक्षा ग्रहण की। वह भी बेरोजगारी के चक्कर में सट्टेबाज गैंग के चंगुल में फंस गई। इस मामले में 1.55 करोड़ रुपये की ज्वेलरी, लाखों नकद और करोड़ों के लेनदेन के सबूत मिले हैं। झांसी पुलिस ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जालौन के माधौगढ़ क्षेत्र में साइबर टीम ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 3.22 लाख रुपये नकद और मोबाइल बरामद किए हैं।
यह है अपराध करने का तरीका
पूछताछ एवं मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि गिरोह का मुख्य संचालक ध्रुव निवासी इन्दौर चाइनीज वेबसाइटों एवं ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्मों के माध्यम से साइबर फ्रॉड कर धनराशि विभिन्न बैंक खातों में मंगवाता था। गिरोह के सदस्य रागिब अहमद द्वारा इण्डोनेशिया के सिम का प्रयोग करते हुए विभिन्न व्यक्तियों से प्राप्त बैंक खातों की यूपीआई एवं नेट बैंकिंग बनाकर उनकी जानकारी विदेशी व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से मुख्य संचालक तक पहुंचाई जाती थी। पूछताछ में यह भी प्रकाश में आया कि गिरोह ऑनलाइन गेमिंग साइटों (1BET, Casino आदि) के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर रिचार्ज एवं पॉइंट खरीदने के लिए प्रेरित करता था।
साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा कराया जाता था। 500 रुपए से अधिक राशि वाले लेन-देन, जिन पर साइबर शिकायत दर्ज होती थी, उन्हें गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जीतने वाले खिलाड़ियों के खातों में भेज दिया जाता था, जिससे उन खातों पर फ्रीज/लीन लग जाती थी और वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था। वहीं 500 रुपए से कम राशि वाले ट्रांजेक्शन, जिनकी शिकायत सामान्यतः दर्ज नहीं होती या ट्रैकिंग कठिन होती थी, उन्हें विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर USDT में परिवर्तित कर दिया जाता था तथा गिरोह के सदस्यों एवं एजेंटों को कमीशन के रूप में वितरित किया जाता था। गिरोह के सदस्य सनी अमराया, सोहिल खान, अनुभव सिंह, दानिश उर्फ नूर, सौरभ विश्वकर्मा एवं देवेश गौतम बैंक खाते उपलब्ध कराने का कार्य करते थे, जबकि हर्ष बैंक खातों से लिंक सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।
साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को बाद में सलाम द्वारा USDT में परिवर्तित कर विभिन्न Binance खातों में भेजा जाता था ताकि धनराशि की टेसिंग न हो सके। जांच में विगत 25 दिनों के दौरान 19 बैंक खातों में लगभग ₹4.35 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन, चाइनीज वेबसाइट CESHI. TTTPYM.COM से लगभग ₹38 करोड़ मूल्य के वित्तीय लेन-देन, 529 USDT फ्रीज, लगभग 37,966 USDT (₹37.20 लाख) के डिजिटल ट्रांजेक्शन तथा 114 बैंक खातों से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई है। प्रकरण में कुल 4,35,64,029/- की धनराशि फ्रीज/होल्ड कराई गई थी तथा गिरोह के अन्य सदस्यों एवं आर्थिक नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
वर्जन
साइबर फ्रॉड व सट्टेबाजों के खिलाफ अभियान जारी है। साइबर फ्रॉड के मामले में फरार चल रहे रेल कर्मचारी सलाम की तलाश की जा रही है। इसके अलावा सट्टेबाजों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है।बीबीजीटीएस मूर्ति, एसएसपी झांसी