Jhansi News: सीएमओ ने किया आरोग्य मेले का निरीक्षण, आयुष्मान कार्ड पर जोर
Jhansi News: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ शिशिर पुरी ने बंगरा ब्लॉक की तीन चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया, आयुष्मान कार्ड बनाने, ओपीडी बढ़ाने और व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने किया आरोग्य मेले का निरीक्षण, आयुष्मान कार्ड पर जोर (Photo- Newstrack)
Jhansi News: स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित किए जा रहे मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का पर्यवेक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ शिशिर पुरी द्वारा किया गया। उन्होंने विकासखंड बंगरा की तीन चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया। सर्वप्रथम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरकार में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण किया गया।
उपस्थित चिकित्सा अधिकारी डॉ बृजकिशोर ने बताया कि निरीक्षण के समय तक 15 मरीजों को ओपीडी में उपचारित किया गया। प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के माध्यम से क्षेत्रीय जनमानस को चिकित्सा उपचार की सेवाओं के साथ ही आभा आईडी और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने की सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
सीएमओ ने उपस्थित सीएचओ को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटेरा में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का अवलोकन किया। मेले में क्षेत्र के मरीजों की कम उपस्थिति पर डॉ एम देसाई चिकित्सा अधिकारी को ओपीडी बढ़ाने के निर्देश दिए।
लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित पाए गए
लैब टेक्नीशियन अरविंद कुमार अनुपस्थित थे, जिनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। मेले में एएनएम भावना द्वारा 14 वर्ष पूर्ण करने वाली किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा था। एएनएम ने बताया कि आज सात किशोरियों को टीका लगाया गया है और आशाओं के माध्यम से अन्य किशोरियों को टीका लगवाने के लिए बुलाया गया है।
तत्पश्चात सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंगरा का निरीक्षण किया। चिकित्सालय में डॉ नवनीत बंसल के द्वारा इमरजेंसी ओपीडी चालू पाई गई। फार्मासिस्ट एवं स्टाफ नर्स उपस्थिति मिले। प्रसव कक्ष, कोल्ड रूम आदि का निरीक्षण किया गया। दवा भंडारण कक्ष में दवाइयों पर लेबलिंग नहीं पाई गई तथा उपलब्ध दवाइयों की सूची अद्यतन नहीं की गई थी।
मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी चिकित्सा इकाइयों पर चिकित्सालय में उपलब्ध औषधियों की सूची प्रदर्शित करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने और चिकित्सालय में आने वाले मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए।