Jhansi News: बुंदेलखंड कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम 2026

Jhansi News: झांसी के बुंदेलखंड कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया।

Update:2026-08-13 14:55 IST

Jhansi News(Photo-Social Media)

Jhansi News: बुंदेलखंड कॉलेज, झांसी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय ‘दीक्षारंभ कार्यक्रम 2026’ का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, पाठ्यक्रमों, परीक्षा व्यवस्था, छात्रवृत्ति योजनाओं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के साथ कॉलेज की सुविधाओं एवं नियमों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर समझ देने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

गौरवशाली इतिहास और परंपराओं से कराया परिचित

प्रारंभिक सत्र में प्रो. नवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को बुंदेलखंड कॉलेज के गौरवपूर्ण इतिहास, शैक्षणिक परंपराओं, उपलब्धियों, विजन और मिशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी उच्च शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसके परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि उसके मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के समग्र विकास से भी होती है। प्रो. मंजरी दमेले ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से महाविद्यालय की गरिमापूर्ण परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अध्ययन काल का सदुपयोग करते हुए शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद डॉ. सारांश लोहिया ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों और प्राध्यापकों का परिचय कराया। उन्होंने अलग-अलग विषयों में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों और विभागीय गतिविधियों के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक

डॉ. श्याम मोहन पटेल ने ‘विद्यार्थी, प्रकृति एवं पर्यावरणीय चेतना’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता बताते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्वच्छता और हरित परिसर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दैनिक व्यवहार में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता अपनाने की अपील की। साथ ही कॉलेज परिसर को स्वच्छ और हरित बनाए रखने में विद्यार्थियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

डिग्री और छात्रवृत्ति योजनाओं की दी जानकारी

डॉ. रामानंद जायसवाल ने विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्री पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने पाठ्यक्रमों की संरचना, अध्ययन की प्रकृति और उच्च शिक्षा में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने और कॉलेज में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई। डॉ. आर.बी. मौर्य ने विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों से समय पर आवेदन करने और जरूरी दस्तावेज व्यवस्थित रखने का आग्रह किया।

परीक्षा, एनसीसी और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी

डॉ. नीलम सिंह ने परीक्षा व्यवस्था, असाइनमेंट, परीक्षा फॉर्म भरने और एनसीसी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा नियमों और समय-सीमा का पालन करने की आवश्यकता बताई। डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कॉलेज में आयोजित होने वाली विभिन्न सह-पाठ्यक्रम एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें पर्यटन गतिविधियां, लीगल एड, पोस्टर प्रतियोगिता, एजुकेशनल टूर सहित कई शैक्षणिक और रचनात्मक कार्यक्रम शामिल रहे। वहीं, डॉ. विवेक सिंह ने एंटी-रैगिंग व्यवस्था और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में अनुशासन, गरिमा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता दी जाती है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम के दौरान डॉ. वंदना कुशवाहा के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया और नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रामानंद जायसवाल ने किया। इस दौरान डॉ. आकाश, डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. राकेश यादव, डॉ. चंदन सिंह और डॉ. अश्वनी कुमार समेत महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुरेंद्र नारायण ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद डॉ. कमलेश सिंह, डॉ. राम आसरे राजपूत और डॉ. रामनारायण के मार्गदर्शन में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम के प्रथम दिन का औपचारिक समापन हुआ।

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