Jhansi News: ए-1 के जमाने में पुलिस का अंधविश्वासी चेहरा, क्राइम ग्राफ घटाने के लिए करती है टोटका
Jhansi News: नववर्ष की शुरुआत में झांसी पुलिस ने ‘गुडवर्क’ दिखाने के लिए चुनिंदा मुकदमे दर्ज किए, जबकि कई अनिवार्य मामलों को नजरअंदाज कर दिया गया।
ए-1 के जमाने में पुलिस का अंधविश्वासी चेहरा, क्राइम ग्राफ घटाने के लिए करती है टोटका (Photo- Social Media)
Jhansi News: झांसी। 21 वीं सदी की हाईटेक पुलिस भी शायद अंधविश्वासी है इसलिए अपराध के आंकड़ों को घटना के लिए टोटका करने से नहीं चूकती है। नववर्ष की शुरुआत गुडवर्क से करने के लिए सभी हथकंडे अपनाती है। इस दौरान कई एेसे मुकदमों को नजरअंदाज कर देती हैं जिन्हें दर्ज करना बेहद अनिवार्य होता है। पुलिस का एेसा मानना है कि अगर साल की शुरुआत बेहतर होगी तो आगे के दिन भी अच्छे ही होंगे। बीते सालों की तरह इस साल भी पुलिस ने कुछ एेसा ही किया।
इस साल 26 थानों की पुलिस में एक ही थाना ने पहला मुकदमा गुडवर्क में दर्ज करते हुए इसकी शुरुआत की। साल के पहले दिन पूंछ थाना पुलिस ने जेएम मोंठ की अदालत से जारी किए गए वारंट के आधार पर पूंछ कसबे में रहने वाले बलवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद दूसरे दिन कोतवाली पुलिस ने बलात्कार करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर अपनी गुडवर्क की शुरुआत की है।
वहीं, मोंठ थाने की पुलिस ने चेकिंग के दौरान ग्राम करकोस रोड पर अजय पटेल के नवनिर्मित मुर्गी फार्म के सामने मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी निवासी राहुल यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से एक तमंचा, दो कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि राहुल यादव ने वर्ष 2016 में थाना चिरगांव में डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट का मामला पंजीकृत है।
नववर्ष पर गुडवर्क मुकदमे दर्ज करने की परंपरा
इसी वर्ष उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा वर्ष 2018 और 2020 में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट व धारा 110 जी के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। अगर साल के आंकड़ों पर गौर करें तो पहली जनवरी को सबसे ज्यादा आबकारी अधिनियम के मुकदमे ही दर्ज होते हैं।
Jhansi News: विवेचना से नाम हटाने पर मांगी थी रिश्वत, जांच में तत्कालीन चौकी प्रभारी पर झांसी में मुकदमा दर्ज
Jhansi News: झांसी। विवेचना में नाम हटाने पर इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी ने रिश्वत की मांग की थी। इस मामले में वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने पर मामले को यूपी सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक ने जांच की थी। जांच के बाद सेवानिवृत्त चौकी प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले की विवेचना झांसी के यूपी सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक करेंगे। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मालूम हो कि यूपी सतर्कता अनुभाग-4 ने कन्नौज के थाना छिबरामऊ के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, सोसाईया चौकी प्रभारी राम बदन वर्नवाल के खिला खुली जांच कराए जाने के आदेश दिए थे। इसकी जांच यूपी सतर्कता अधिष्ठान में नियुक्त निरीक्षक सतीश चंद्र गंगवार द्वारा की गई थी।
जांच अधिकारी निरीक्षक सतीश चंद्र गंगवार ने खुली जांच के दौरान पाया गया कि शिकायतकर्ता धनंजय सिंह निवासी ग्राम कुंवरपुरजनु थाना छिबरामऊ के खिलाफ दर्ज मुकदमा की विवेचना में 15 जून 2021 को द्वारा आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया था। इसमें रनवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, संजय सिंह, गोपाल सिंह और धनंजय सिंह को दफा 147,148, 323, 504,506, 427, 352 का अभियुक्त बनाया गया था।
निरीक्षक सतीश चंद्र गंगवार द्वारा खुली जांच में पाया गया कि उपनिरीक्षक रामबदन वर्नवाल चौकी प्रभारी सोसाइटी द्वारा शिकायतकर्ता धनंजय सिंह की बुआ श्रीमती नीलम एवं श्यामवीर (चाचा) से विवेचना से आरोपियों के नाम कांटने के लिए रिश्वत की मांग की थी। इस मामले का वीडियो भी वायरल हुआ था।
जांच में पाया गया कि उपनिरीक्षक रामबदन वर्नवाल तत्कालीन चौकी प्रभारी सौसईया थाना छिबरामऊ द्वारा लोकसेवक के पद पर रहते हुए सरकारी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग करना धारा-7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 यथा संशोधित भ्र. नि. (संशोधन) अधिनियम, 2028 के अंतर्गत अपराध कारित किया जाना प्रमाणित पाया गया।
यूपी सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक करेंगे विवेचना
इस मामले में निरीक्षक सतीश चंद्र गंगवार ने थाना छिबरामऊ की तत्कालीन चौकी प्रभारी सौसईया रामबदन बर्नवाल (सेवानिवृत्त) के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर झांसी में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। इस मामले की विवेचना निरीक्षक पीयूष पांडेय उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की जाएगी।