ज्योति नहीं दे रही गुजारा भत्ता... आलोक मौर्या ने खटखटाया इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा, कोर्ट ने किया तलब

PCS Jyoti Maurya Case: बरेली की एसडीएम ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्या पंचायत विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है। आलोक ने भ्रष्टाचार, होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे से अवैध संबंध समेत कई गंभीर लगाए हैं।

Update:2025-07-13 17:11 IST

PCS Jyoti Maurya Case

PCS Jyoti Maurya Case: दो साल पहले एसडीएम ज्योति मौर्या और उसके पति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आलोक मौर्या का विवाद काफी सुर्खियों में रहा। ज्योति के पति का आरोप था कि उसने पत्नी को पढ़ाया और जब उसकी नौकरी लग गयी। तब वह उससे अलग होने लगी। अब एक बार फिर इस मामले की चर्चा हो रही है। दरअसल आलोक मौर्या ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पत्नी ज्योति मौर्या से गुजारा भत्ता दिलाये जाने की मांग की है। कोर्ट ने आलोक की याचिका पर संज्ञान लेते हुए ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है। इस मामले में कोर्ट की अगली आठ अगस्त को होगी।

बरेली की एसडीएम ज्योति मौर्या के पति आलोक मौर्या पंचायत विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है। आलोक ने भ्रष्टाचार, होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे से अवैध संबंध समेत कई गंभीर लगाए हैं। साल 2010 में आलोक और ज्योति की शादी हुई थी। साल 2009 में आलोक की सरकारी लगी थी। शादी के बाद जब आलोक को यह पता चला कि ज्योति पढ़ाई में होनहार है और पीसीएस की तैयारी करना चाह रही है। इस पर आलोक ने पत्नी ज्योति की पढ़ाई और पीसीएस की तैयारी के लिए उसका भरपूर सहयोग किया। इसके बाद 2015 में ज्योति मौर्या पीसीएस अफसर बन गयीं। जिसके बाद उनका रवैया पति आलोक मौर्या के लिए बिल्कुल बदल गया।

मनीष दुबे से अवैध संबंधः आलोक मौर्या

आलोक मौर्या के अनुसार ज्योति की 2015 में नौकरी लगने के बाद से साल 2020 तक दोनों के बीच सब कुछ ठीक था। लेकिन जैसे ही ज्योति की जिंदगी में मनीष दुबे की एंट्री हुई। उनके रिश्ते में दरार पड़ गयी। आलोक ने आरोप लगाया कि हालांकि शादी के बाद भी ज्याति का उसके प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार ही रहा। अब वह आर्थिक मदद देने से भी इनकार कर रही है।

आलोक मौर्या ने पहले पारिवारिक न्यायालय में गुजारा भत्ता के लिए गुहार लगायी। वहां से उसे राहत नहीं मिली। इसके बाद आलोक ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और गुजारा भत्ता के लिए याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ज्योति मौर्या को नोटिस जारी कर दिया है और जल्द से जल्द जवाब मांगा है।

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