अपनों के ही साथ अश्लील हरकतें, फिर करता था ब्लैकमेल... Google Drive ने कानपुर के युवक की खोली पूरी पोल पट्टी!

Kanpur Crime News: इस मामले का जब खुलासा तब हुआ, जब संदिग्ध सामग्री क्लाउड स्टोरेज पर अपलोड होने के बाद संबंधित एजेंसियों तक इसकी सूचना पहुंची।

Update:2026-07-11 13:13 IST

Kanpur Crime News

Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और डिजिटल सुरक्षा को लेकर बहुत ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चमनगंज क्षेत्र में रहने वाले एक 26 साल के युवक को पुलिस ने महिलाओं और बच्चों से जुड़े गंभीर साइबर अपराध के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने ही घर आने वाले रिश्तेदारों के निजी पलों के प्राइवेट वीडियो बनाता था और उन्हें डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करता था। इस मामले का जब खुलासा तब हुआ, जब संदिग्ध सामग्री क्लाउड स्टोरेज पर अपलोड होने के बाद संबंधित एजेंसियों तक इसकी सूचना पहुंची।

बाथरूम में छिपाकर लगाता था कैमरा...

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी अपने घर आने वाले रिश्तेदारों की निजता का उल्लंघन करने के लिए बाथरूम में गुप्त रूप से कैमरा या रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपा देता था। इसके माध्यम से वह महिलाओं के निजी वीडियो रिकॉर्ड करता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कई निजी वीडियो अपने मोबाइल और ऑनलाइन स्टोरेज में सुरक्षित रखे थे।

साइबर जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के दो मोबाइल फोन जब्त किए। इनमें कई आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।

अपने ही परिवार को बनाया निशाना

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने अपने ही परिवार और रिश्तेदारों को निशाना बनाया। पुलिस का कहना है कि मामले में एक नाबालिग से जुड़े गंभीर आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है। चूंकि मामला बच्चों से जुड़े यौन अपराधों से संबंधित है, इसलिए कानून के अंतर्गत पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में मिले डिजिटल साक्ष्यों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Google Drive से मिला बड़ा सुराग

इस पूरे मामले का खुलासा डिजिटल तकनीक की सहायता से हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने आपत्तिजनक सामग्री को अपने डिवाइस से हटाकर क्लाउड स्टोरेज (Google Drive) में सेव कर रखा था। सुरक्षा प्रणाली के माध्यम से संदिग्ध सामग्री की पहचान होने के बाद संबंधित सूचना कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत जांच एजेंसियों तक पहुंची।

इसके बाद साइबर पुलिस ने उपलब्ध डिजिटल जानकारी, जैसे ई-मेल आईडी, डिवाइस से जुड़ी तकनीकी जानकारी और आईपी एड्रेस के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

साइबर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 6 जुलाई को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के ज़रिये से महिलाओं और बच्चों से जुड़े गंभीर अपराध की जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके बाद साइबर पुलिस की विशेष टीमों ने गोपनीय जांच शुरू की।

डिजिटल ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया। फिलहाल उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विस्तृत रूप से फॉरेंसिक जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह सामग्री अन्य प्लेटफॉर्म पर साझा तो नहीं की गई।

Google Drive पर क्या नहीं रखा जा सकता?

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट रखना या साझा करना प्रतिबंधित है, जो कानून या प्लेटफॉर्म की नीतियों का उल्लंघन करता हो। इसमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM), हिंसक चरमपंथी सामग्री, कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली फाइलें और अन्य गैरकानूनी कंटेंट शामिल हैं। ऐसी सामग्री की पहचान होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत सक्षम एजेंसियों को ज़रूरी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति को डिजिटल ज़रिये से ब्लैकमेल किया जा रहा हो या उसकी निजी तस्वीरों अथवा वीडियो का दुरुपयोग किया जा रहा हो, तो तत्काल स्थानीय पुलिस या नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। वक़्त पर की गई शिकायत से ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकती है।

फिलहाल आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।

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