योगी राज में बच्चा चोरी की साजिश नाकाम! कानपुर में 5 लाख की डील पर बच्चा बेचने वालों को पुलिस ने दबोचा
Kanpur News: कानपुर पनकी मंदिर में 4 माह के मासूम बच्चे की चोरी की साजिश नाकाम, 5 लाख रुपये में बेचने वाले सभी आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए।
Kanpur News: कानपुर के पनकी मंदिर में रहने वाली भीख मांगने वाली महिला का 4 माह का मासूम बेटा चोरी हो गया। घटना की तहकीकात में पुलिस ने खुलासा किया कि यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि बच्चे के लिए पैसे का सौदा था। मासूम को 5 लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, पुलिस ने समय रहते मामले को सुलझाते हुए बच्चे को बेचने से पहले ही पकड़ लिया और सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए।
बच्चा चोरी का तरीका बेहद शातिराना था
पुलिस के मुताबिक, सेन पश्चिमपरा के रहने वाले सचिन और गरिमा दंपत्ति के घर बच्चे की चाह थी। चूंकि उनके घर बच्चा नहीं था, उन्होंने परिचित ऑटो चालक जितेंद्र और उसकी पत्नी गीता से मदद मांगी। इसके बाद जितेंद्र और गीता ने पनकी मंदिर में भीख मांग रही महिला के 4 माह के बेटे को चुराने की योजना बनाई। योजना के अनुसार, उन्होंने महिला की 13 साल की बेटी को बहला-फुसलाकर बाहर बुलाया और समोसा खिलाने का बहाना बनाया। जैसे ही बच्ची समोसा खाने में व्यस्त हुई, गीता ने उसके गोद से 4 माह के भाई को उठा लिया और जितेंद्र ऑटो लेकर मौके से फरार हो गया। इस दौरान बच्चे की मां और आसपास के लोग बच्ची के रोने की आवाज सुनकर हैरान रह गए।
सीसीटीवी फुटेज ने किया सच उजागर
मासूम की मां सोनिया ने तुरंत पनकी थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। कैमरे में दिखा कि गीता बच्चे को गोद में लेकर ऑटो में बैठ रही थी और जितेंद्र ऑटो लेकर फरार हो गया। पुलिस ने ऑटो का नंबर ट्रेस किया और शास्त्री नगर से आरोपी दंपत्ति और बच्चे को बरामद किया।
बच्चे का सौदा करने वाले दंपत्ति भी गिरफ्तार
पुलिस ने पूछताछ में पता लगाया कि जितेंद्र और गीता पहले ही सचिन और गरिमा दंपत्ति से 5 लाख रुपये में बच्चे का सौदा कर चुके थे। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर के स्टाफ ऑफिसर अमरनाथ यादव के अनुसार, जितेंद्र के फोन से सचिन के साथ बातचीत हुई थी, जिससे यह सौदा पक्का हुआ। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि पैसे के लालच और शातिराना योजना से लोग मासूम बच्चों को भी खतरे में डाल सकते हैं। समय रहते पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बच्चे की जान बचा ली और सभी आरोपी अब कानून के सामने हैं।