Lakhimpur Kheri News: मितौली हादसे में पुलिस पर दबाव का आरोप, परिजनों ने मांगा न्याय
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी के मितौली हादसे में मृतकों के परिजनों ने दरोगा पर बयान बदलवाने और अभद्रता का आरोप लगाया, निष्पक्ष जांच की मांग की।
मितौली हादसे में पुलिस पर दबाव का आरोप, परिजनों ने मांगा न्याय (Photo- Newstrack)
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी। थाना मितौली क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि शपथ पत्र देने के बावजूद मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि थाना मितौली में तैनात उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह पीड़ित पक्ष पर बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पैरालिसिस से पीड़ित पत्नी को भी थाने से "जूते मारकर भगा देने" की धमकी दी गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि जिस दुर्घटना को प्रत्यक्षदर्शी ट्रैक्टर-ट्रॉली से हुई बता रहे हैं, उसे किसी अन्य वाहन से हुई दुर्घटना के रूप में दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है।
दो माह बाद भी जांच पर सवाल
थाना मितौली क्षेत्र में मजदूरी कर घर लौट रहे दो युवकों की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि घटना को दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जांच के लिए पुलिस उनके गांव लुकटहा, जनपद सीतापुर तक नहीं पहुंची और न ही उनके बयान दर्ज किए गए।
हादसे में हुई थी दो मजदूरों की मौत
गौरतलब है कि मितौली-बड़ागांव मार्ग पर छोटा सेमरावा के पास प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से ग्राम लुकटहा निवासी बृजेश पुत्र रामस्वरूप और प्रह्लाद पुत्र छेद्दू की मौके पर ही मौत हो गई थी। दोनों युवक मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद से अब तक मामले की गंभीरता से जांच नहीं की गई। न्याय की मांग को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने आईजीआरएस पोर्टल तथा मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शिकायत के बाद उन्हें जांच के नाम पर थाने बुलाया गया, जहां तैनात उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि अब कुछ नहीं हो सकता।
प्रत्यक्षदर्शी गवाहों का दावा है कि उन्होंने शपथ पत्र देकर बताया है कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़ा सेमरावा, जनपद सीतापुर की थी, जिसकी टक्कर से दोनों युवकों की मौत हुई थी।
परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
मृतकों के परिवारों का कहना है कि हादसे में उनके घर के कमाने वाले सदस्यों की मौत हो चुकी है। ऐसे में परिवार के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और उन्हें प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।
निष्पक्ष जांच की मांग
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी वाहन चालक की शीघ्र गिरफ्तारी तथा घटना से जुड़े पुलिस कर्मियों के व्यवहार की जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, इस संबंध में थाना मितौली पुलिस का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पुलिस का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।