Lakhimpur Kheri News: खराब मोबाइल नेटवर्क पर छात्रों का प्रदर्शन, टॉवर पर चढ़कर जताया विरोध
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी के ईसानगर में खराब मोबाइल नेटवर्क से परेशान छात्रों ने प्रदर्शन किया। कई छात्र और किसान नेता मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए।
Lakhimpur Kheri News(Photo-Social Media)
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी जिले के ईसानगर क्षेत्र में खराब मोबाइल नेटवर्क को लेकर छात्रों और युवाओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल शिक्षा में लगातार आ रही बाधाओं से नाराज दर्जनों छात्र-छात्राओं ने मोबाइल कंपनियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र मोबाइल टॉवर पर भी चढ़ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
छात्रों का आरोप है कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन जैसी कंपनियां लगातार रिचार्ज प्लान महंगे कर रही हैं, लेकिन नेटवर्क व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है। गांवों में इंटरनेट की स्पीड बेहद धीमी है और कई जगहों पर कॉल तक ठीक से नहीं हो पा रही। इससे ऑनलाइन क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर लगे नारे
धरने के दौरान छात्रों ने “रीचार्ज पूरा, नेटवर्क अधूरा” और “पढ़ाई बचाओ-नेटवर्क सुधारो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना था कि डिजिटल शिक्षा के इस दौर में खराब नेटवर्क बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कई अभिभावकों ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और नेटवर्क समस्या के समाधान की मांग की।
टॉवर पर चढ़े छात्र और किसान नेता
प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के तहसील अध्यक्ष पवन पाठक भी छात्रों के समर्थन में पहुंचे। वह छात्रों के साथ मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए और कंपनियों के खिलाफ नाराजगी जताई। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निर्मल तिवारी ने सभी को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को शांत कराने में जुटे रहे।
ऑनलाइन पढ़ाई पर पड़ रहा असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि ईसानगर क्षेत्र के अधिकांश गांवों में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। कई बार ऑनलाइन परीक्षा और लाइव क्लास के दौरान नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई मोबाइल टॉवर होने के बावजूद कंपनियां नेटवर्क सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 5जी सेवा का दावा करने वाली कंपनियां 2जी जैसी स्पीड भी नहीं दे पा रही हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नेटवर्क व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।