Lakhimpur Kheri News: जर्जर विद्युत लाइन बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत, हल्की हवा में गुल हो जाती है
Lakhimpur Kheri News: मितौली के रामनगर फीडर से जुड़े 80 गांवों में बिजली संकट गहराया, जर्जर तार और पेड़ों की शाखाओं से हल्की हवा-बारिश में बाधित हो रही आपूर्ति।
जर्जर विद्युत लाइन बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत, हल्की हवा में गुल हो जाती है Photo- Newstrack
Lakhimpur Kheri News: मितौली खीरी। विकासखंड मितौली के रामनगर फीडर से लगभग 80 गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है, लेकिन फीडर पर पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था न होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे क्षेत्र में बिजली संचालन का जिम्मा मात्र एक लाइनमैन के सहारे चलाया जा रहा है, जिससे विद्युत संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
रामनगर फीडर के अंतर्गत आने वाले राजेपुर-रौतापुर मार्ग के निकट स्थित कचियानी गांव की विद्युत लाइन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में अब भी पुराने जीआई (गैल्वेनाइज्ड आयरन) तारों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इन तारों के ऊपर बबूल समेत अन्य पेड़ों की शाखाएं फैली हुई हैं, जिससे हल्की हवा या बारिश होते ही तार आपस में टकराने लगते हैं और बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
बिजली कटौती से ग्रामीणों में गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि कचियानी गांव में आए दिन बिजली गुल होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। गर्मी के मौसम में बिजली कटौती के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं सिंचाई कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर लाइन और पेड़ों की कटाई-छंटाई की समस्या को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्र के उपभोक्ताओं एवं ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से कचियानी गांव की जर्जर विद्युत लाइन को तत्काल बदलकर सुदृढ़ लाइन बिछाने तथा तारों पर झुकी पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को निर्बाध एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति मिल सके।