UP Politics: 5% vs 95% का नारा देकर गरजे अखिलेश यादव, बोले- BJP कर रही आरक्षण की खुली लूट! मचा सियासी बवाल

UP Politics: सपा की तरफ से PDA आरक्षण ऑडिट रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसे लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी व्यक्त में यह आंकड़ा और भी 'इम्प्रूव' होगा और सरकार की पक्षपातपूर्ण नीतियां उजागर होंगी।

Update:2026-05-20 14:36 IST

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UP Politics: लखनऊ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर अपने PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को जोरदार तरीके से सामने रखा। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर आरक्षण खत्म करने की साजिश रचने और नौकरियों में आरक्षण की "खुली लूट" करने का गंभीर रूप से आरोप लगाया। सपा की तरफ से PDA आरक्षण ऑडिट रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसे लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी व्यक्त में यह आंकड़ा और भी 'इम्प्रूव' होगा और सरकार की पक्षपातपूर्ण नीतियां उजागर होंगी।

क्या कहा अखिलेश यादव ने ?

प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा "जो सरकार पक्षपाती होती है, वह विश्वासघाती भी होती है।" उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ काम कर रही है और वंचित वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समाज में व्याप्त भेदभाव और अन्याय को स्वयं झेला था, इसलिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई थी ताकि पिछड़े और दलित समाज को बराबरी का मौका मिल सके।

सपा प्रमुख ने कहा कि साल 2014 तक आरक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही थी, लेकिन उसके बाद केंद्र और राज्य में आई भाजपा सरकारों ने इसे कमजोर करने कि पूरी कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सीधे तौर पर आरक्षण खत्म नहीं कर पा रही है, इसलिए "इनडायरेक्ट तरीके" अपनाए जा रहे हैं। उनके अनुसार नौकरियों में आरक्षण को खत्म करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है और सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है।

अब लड़ाई "5 प्रतिशत बनाम 95 प्रतिशत"- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि यह लड़ाई अब "5 प्रतिशत बनाम 95 प्रतिशत" की हो गई है। उन्होंने दावा किया कि समाज लंबे वक्त से दो भागों में बंटा रहा है-एक ओर वर्चस्ववादी ताकतें हैं और दूसरी ओर वह समाज है जिसने सालों तक शोषण और भेदभाव सहा है। उन्होंने कहा कि PDA समाज को केवल मजदूरी तक सीमित रखने की साजिश की जा रही है ताकि कुछ विशेष वर्गों का वर्चस्व बना रहे।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार को बुलडोजर चलाना ही है तो उसे गैर-बराबरी और आरक्षण की लूट के खिलाफ चलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण कोई दया या भिक्षा नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है।

सपा का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा ने दावा किया कि PDA आरक्षण ऑडिट रिपोर्ट में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जो सरकारी भर्तियों और आरक्षण व्यवस्था में पक्षपात की तरफ स्पष्ट रूप से इशारा करती हैं। पार्टी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इसे लेकर राजनीतिक जानकारों के अनुसार, समाजवादी पार्टी अगले साल होने वाले चुनावों को देखते हुए PDA फॉर्मूले को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है। पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति के अंतर्गत सपा इस मुद्दे को चुनावी अभियान का बड़ा हथियार बनाने की तैयारी में है।

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