Lucknow News: देशभर में निकलेगी अश्वमेघ धर्म ध्वज यात्रा, संतों ने बताया सनातन एकता का महाअभियान

Lucknow News: लखनऊ में अश्वमेघ धर्म ध्वज यात्रा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। 20 अक्टूबर से शुरू होने वाली यह यात्रा देशभर में 11,800 किलोमीटर का सफर तय करेगी। संतों और धार्मिक नेताओं ने इसे सनातन एकता और सांस्कृतिक जागरण का अभियान बताया।

Update:2026-05-25 17:43 IST

Lucknow News: लखनऊ में अश्वमेघ धर्म ध्वज यात्रा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। धार्मिक जागृति, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में संतों, श्रद्धालुओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। यात्रा का शुभारंभ 20 अक्टूबर को विजयदशमी के पावन अवसर पर किया जाएगा। चार चरणों में आयोजित होने वाली यह महायात्रा देश की चारों दिशाओं में संचालित होगी और लगभग 11,800 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

कार्यक्रम में अयोध्या से पहुंचे जन्मेजय शरण एवं आचार्य डॉ. संतोष जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिवाश्री ऋतु ने कहा कि इस दिव्य यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिए भगवान शिव का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की विजय में महादेव का विशेष आशीर्वाद रहा है, इसलिए यह यात्रा हरिहर स्वरूप बनकर सनातन एकता और धार्मिक चेतना का संदेश दे रही है।


संत जन्मेजय शरण जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि मानव जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि यात्रा के सभी चरणों में निर्धारित स्थानों पर अश्वमेध धर्म यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। यात्रा का पहला चरण दिल्ली से मथुरा, आगरा, धौलपुर, ग्वालियर, झांसी, उज्जैन, नासिक, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, उदयपुर और जयपुर होते हुए पुणे तक जाएगा तथा पुनः दिल्ली में समाप्त होगा। दूसरा चरण दिल्ली से बीकानेर, पटियाला, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, जम्मू, चंडीगढ़, देहरादून, हरिद्वार, मेरठ और गाजियाबाद होते हुए वापस दिल्ली पहुंचेगा।

तीसरा चरण दिल्ली से बरेली, अयोध्या, पटना, कोलकाता, रांची, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, फिरोजाबाद और नोएडा होते हुए दिल्ली में समाप्त होगा। वहीं चौथा चरण ट्रेन के माध्यम से दिल्ली से रामेश्वरम और पुणे होते हुए पुनः दिल्ली पहुंचेगा। कार्यक्रम में अमरजीत मिश्रा, चक्रवर्तुला रमणाचा, फिल्म निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह और थाईलैंड से विनोद हांडा ने भी इस अभियान को सनातन संस्कृति, युवा चेतना और भारतीय गौरव को मजबूत करने वाला बताया।

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