Varishth Jan Seva Samman 2026: बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची नारायण सेवा, बोले प्रो. दिनेश शर्मा

Varishth Jan Seva Samman 2026: लखनऊ में आयोजित संगोष्ठी में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों पर चर्चा हुई। प्रो. दिनेश शर्मा ने बुजुर्गों की सेवा को सच्ची नारायण सेवा बताया।

Update:2026-06-08 22:19 IST

World Elder Abuse Awareness Month 2026 

Varishth Jan Seva Samman 2026बदलते सामाजिक परिवेश में जहां कई बुजुर्ग अकेलेपन, उपेक्षा और दुर्व्यवहार जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता माह के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक विशेष संगोष्ठी ने समाज को संवेदनशील संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की अमूल्य धरोहर हैं। जिनके सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है।

वृद्धजन सम्मान और सुरक्षा पर गंभीर चर्चा


गाइड समाज कल्याण संस्थान और गिरी विकास अध्ययन संस्थान, अलीगंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी का विषय था 'बियॉन्ड अवेयरनेस : मेकिंग एल्डर एब्यूज प्रिवेंशन वर्क।' कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और उनके प्रति समाज की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची नर सेवा और नारायण सेवा है। उन्होंने युवाओं से अपने माता-पिता और वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सेवा का भाव बनाए रखने का आह्वान किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने अपनी माता के संस्कारों और स्नेह को याद करते हुए भावुक क्षण भी साझा किए।

बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत

संगोष्ठी में घरेलू हिंसा, पारिवारिक उपेक्षा, अकेलेपन, साइबर अपराधों से सुरक्षा और नई-पुरानी पीढ़ी के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत करने जैसे विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि वृद्धजन दुर्व्यवहार केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक रूपों में भी सामने आता है, जिसे रोकने के लिए जागरूकता के साथ ठोस कार्यवाही आवश्यक है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विष्णु सहाय ने कहा कि बुजुर्गों के साथ सदैव सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को समाज सेवा के लिए समय निकालने और वरिष्ठ नागरिकों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की प्रेरणा दी।

शोध और कार्यवाही के समन्वय पर जोर

कार्यक्रम संयोजिका डॉ. नीतू बत्रा ने कहा कि वृद्धजन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए केवल शोध पर्याप्त नहीं है, बल्कि शोध और कार्यवाही का समन्वय भी जरूरी है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ उनकी देखभाल करने वाले परिजनों और केयरगिवर्स की चुनौतियों को समझने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं गाइड समाज कल्याण संस्थान की संस्थापक डॉ. इंदु सुभाष ने कहा कि बढ़ती वृद्धजन आबादी को देखते हुए मोहल्ला स्तर पर डे-केयर सेंटर, एक्टिव एजिंग सेंटर और गुणवत्तापूर्ण वृद्धाश्रमों की स्थापना समय की मांग है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन और रेल यात्रा में मिलने वाली रियायतों को पुनः लागू करने की भी वकालत की।

सम्मान और संकल्प का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शतायु न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ को वयोश्रेष्ठ सम्मान प्रदान किया जाना रहा। इसके अलावा “वरिष्ठ जन सेवा सम्मान–2026” से संदीप आहूजा और डॉ. नीतू बत्रा को सम्मानित किया गया। संगोष्ठी में युवाओं को वरिष्ठ नागरिक सम्मान शपथ भी दिलाई गई। शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए आयोजित ओपन हाउस सत्र में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े सामाजिक, कानूनी और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर सार्थक चर्चा हुई।

जून भर चलेगा जागरूकता अभियान

डॉ. इंदु सुभाष ने बताया कि गाइड समाज कल्याण संस्थान पूरे जून माह को “वृद्धजन सम्मान एवं जागरूकता माह” के रूप में मना रहा है। इसके तहत विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, देखभाल और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही 15 जून को विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का भी आयोजन किया जाएगा।

संगोष्ठी में उपस्थित सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल नैतिक दायित्व नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और सभ्य समाज की पहचान है। बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और अपनापन देकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

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