Mainpuri News: बालगृह निरीक्षण में गंभीर खामियां उजागर, कमजोर बच्ची को तत्काल अस्पताल भेजा गया
Mainpuri News: आगरा स्थित राजकीय बालगृह (शिशु) के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आईं। एक कमजोर बच्ची को तत्काल एनआरसी वार्ड में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए,
Mainpuri News
Mainpuri News: मैनपुरी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर गठित समिति ने आगरा स्थित राजकीय बालगृह (शिशु) का निरीक्षण किया, जहां बच्चों की देखभाल और व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान एक बच्ची अत्यंत कमजोर अवस्था में मिली, जिस पर समिति ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अस्पताल के एनआरसी वार्ड में भर्ती कराने के निर्देश दिए। वहीं बालगृह में लगे दो सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए और रसोईघर की साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। समिति ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
निरीक्षण समिति में अपर जनपद न्यायाधीश एफटीसी-1 कुलदीप सिंह एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूतन चौहान शामिल रहीं। समिति के अध्यक्ष तालवार सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान प्रभारी अधीक्षक बेटा सिंह भी उपस्थित रहे। समिति ने बालगृह की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर बच्चों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली।प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि बालगृह में शून्य से दस वर्ष तक के बच्चों को आश्रय दिया जाता है। वर्तमान समय में यहां 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 30 और 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग के 15 बच्चे रह रहे हैं। इनमें मैनपुरी जनपद के दो बच्चे भी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान समिति को एक ऐसा बच्चा मिला जिसे आंखों से दिखाई नहीं देता, उसका शरीर ठीक तरह से काम नहीं करता और उसे मिर्गी के दौरे भी पड़ते हैं। समिति ने उसके इलाज और देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
इसके अलावा आरजू नाम की एक बच्ची शारीरिक रूप से बेहद कमजोर पाई गई। समिति ने उसकी हालत को गंभीर मानते हुए तत्काल अस्पताल के एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) वार्ड में भर्ती कराने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई गई। समिति ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के रहने और भोजन की व्यवस्था में स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के बाद बालगृह प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर बच्चों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।