Mainpuri News: विकास की नई दिशा: भवन निर्माण में सोलर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और हरित मानकों को किया
Mainpuri News: मैनपुरी में भवन निर्माण को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए सोलर ऊर्जा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और हरित मानकों को अनिवार्य किया गया है। जानिए नई नीति के प्रमुख प्रावधान और इसके लाभ।
Mainpuri News(Photo-Social Media)
Mainpuri News: मैनपुरी जनपद में विकास अब केवल भवन निर्माण और सड़क परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और ऊर्जा बचत को भी विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित विनियमित क्षेत्र की बैठक में लिया गया। बैठक में नगर क्षेत्र के नियोजित विकास, भवन निर्माण, शैक्षिक अधोसंरचना और पर्यावरणीय मानकों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में नगर क्षेत्र के पांच प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बाउंड्रीवॉल बनने से विद्यालय परिसरों की सुरक्षा मजबूत होगी तथा अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक नए भवन के नक्शे में सोलर सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वृक्षारोपण की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। इन व्यवस्थाओं के बिना भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, भूजल स्तर में सुधार होगा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इन पर्यावरणीय व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए भवन स्वामियों से धरोहर राशि जमा कराई जाएगी। निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य पूर्ण होने तथा फोटो साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद यह राशि वापस कर दी जाएगी। आवासीय और वाणिज्यिक भवनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं।
इसके अलावा आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत भवनों के विकास शुल्क में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया। आवासीय भवनों का शुल्क 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति वर्गफीट, वाणिज्यिक भवनों का 7.50 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति वर्गफीट तथा संस्थागत भवनों का शुल्क 7.50 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति वर्गफीट कर दिया गया है।
बैठक में जनपद को विकास प्राधिकरण घोषित किए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक अभिलेख और तकनीकी विवरण तैयार कर शासन स्तर पर प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और मैनपुरी में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।