Mainpuri News: पुश्तैनी जमीन पर फर्जी वसीयत का आरोप, डीएम से निष्पक्ष जांच और FIR की मांग
Mainpuri News: मैनपुरी के करहल क्षेत्र में पुश्तैनी कृषि भूमि को कथित फर्जी वसीयत के जरिए हड़पने का मामला सामने आया है।
Mainpuri News: मैनपुरी जनपद के करहल क्षेत्र में पुश्तैनी कृषि भूमि को कथित रूप से फर्जी वसीयत के माध्यम से हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल कराने तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। मामला करहल थाना क्षेत्र के ग्राम डबरा, मौजा रतिभानपुर का बताया जा रहा है।
ये है पूरा मामला और आरोप
शिकायतकर्ता मनमोहन पुत्र अवधेश सिंह के अनुसार उनकी दिवंगत दादी देव कुंवरी पत्नी स्वर्गीय वीरपाल उर्फ इन्द्रपाल के नाम गाटा संख्या 956ख, 957क, 410, 411 सहित कई कृषि भूमि दर्ज थी। उनका निधन 3 जून 2014 को हुआ था। मृत्यु के बाद उत्तराधिकार के आधार पर उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में मनमोहन, उनके भाइयों सोनू, सतेंद्र तथा चाचा अनिल सिंह के नाम दर्ज कर दी गई थी।पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2021 में अचानक राजस्व अभिलेखों में बदलाव कर आगरा जनपद की तहसील बाह के रूदमुली निवासी अतुल, राहुल और रोहित पुत्रगण रविन्द्र सिंह के नाम भूमि दर्ज कर दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पूरा परिवर्तन एक कथित फर्जी वसीयत के आधार पर कराया गया।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 24 दिसंबर 2013 को तहसील बाह, आगरा में उनकी दादी के नाम से जालसाजी कर वसीयत तैयार कराई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि वसीयत बनवाते समय किसी अन्य महिला को उनकी दादी बताकर प्रस्तुत किया गया, उसका फोटो लगाया गया और फर्जी तरीके से अंगूठे का निशान भी दर्ज कराया गया। जबकि उस समय उनकी दादी लगातार मैनपुरी में परिवार के साथ रह रही थीं और आगरा गई ही नहीं थीं।
मनमोहन का आरोप है कि करोड़ों रुपये मूल्य की पुश्तैनी कृषि भूमि पर कब्जा करने की नीयत से सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की गहन जांच, कथित फर्जी वसीयत और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।