Mathura News: रिफाइनरी संविदा श्रमिकों से भेदभाव और अवैध वसूली के आरोपों की श्रम मंत्रालय करेगा जांच

Mathura News: मथुरा रिफाइनरी में संविदा श्रमिकों से कथित भेदभाव और अवैध वसूली के आरोपों पर श्रम मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए। जानें पूरा मामला।

Update:2026-08-09 11:53 IST

Mathura News(Photo-Social Media)

Mathura News: मथुरा रिफाइनरी में संविदा श्रमिकों के बीच कथित भेदभाव, सेवा सुरक्षा से वंचित करने और अवैध वसूली के आरोपों को लेकर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन की कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स मथुरा रिफाइनरी यूनिट के अध्यक्ष मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर मंत्रालय ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश के माध्यम से उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय), कानपुर को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। शिकायत में श्रमिकों को स्टेटिक और नॉन-स्टेटिक श्रेणियों में कथित रूप से असंवैधानिक तरीके से विभाजित किए जाने का मुद्दा उठाया गया है। यूनियन का आरोप है कि नॉन-स्टेटिक श्रेणी में रखे गए श्रमिकों को ग्रेच्युटी और सेवा सुरक्षा जैसे अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। साथ ही, नौकरी से हटाए जाने का भय दिखाकर कथित तौर पर उनसे अवैध वसूली किए जाने की भी शिकायत की गई है। मंत्रालय के निर्देश के बाद अब संबंधित श्रम अधिकारियों द्वारा इन आरोपों की जांच की जाएगी।

बताया गया है कि यह कार्रवाई केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के निजी सहायक की डायरी संख्या 1416/min/L&E/TU/2026, दिनांक 25 मई 2026 के संदर्भ में मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा की गई है। कार्यालय ने उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय), कानपुर से जांच के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी यूनियन और मंत्रालय को उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है। इधर, यूनियन ने जांच प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी संविदा श्रमिक को नौकरी से नहीं हटाए जाने की मांग की है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि श्रमिकों पर कार्रवाई रोकने से जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से पूरी हो सकेगी। मामले में अब श्रम विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर श्रमिकों की नजर बनी हुई है।

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