Muzaffarnagar News: कावड़ यात्रा में खलल डालने की बड़ी साजिश नाकाम: पाकिस्तान का वीडियो वायरल कर सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की कोशिश में तीन गिरफ्तार
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर पुलिस ने कावड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान की हिंसक वीडियो को फर्जी दावों के साथ वायरल करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार।
Muzaffarnagar Nagar: प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कावड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने ककरौली थाना क्षेत्र से नदीम, मनशेर और रहीश नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी सोशल मीडिया खासकर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए अफवाह फैलाकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे।
वायरल की गई थी पाकिस्तान की हिंसक वीडियो और फर्जी ऑडियो क्लिप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान की एक पुरानी वीभत्स वीडियो, जिसमें बच्चों की हत्या दिखाई गई थी, को मुरादाबाद की बताकर वायरल कर रहे थे। इसके साथ एक फर्जी ऑडियो क्लिप भी फैलाई जा रही थी जिसमें यह दावा किया गया था कि मंसूरपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में बजरंग दल के लोगों द्वारा मुसलमानों की हत्या की जा रही है। इस ऑडियो में 50 से अधिक मुस्लिमों की हत्या की बात कही गई थी।
कावड़ यात्रा के दौरान हिंसा भड़काने की थी योजना
डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि साजिश के तहत जानबूझकर सावन माह के दूसरे सोमवार को चुना गया था, क्योंकि इस दौरान कावड़ यात्रा अपने चरम पर होती है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को भड़काकर बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे फैलाना था, जिससे ‘लोन वुल्फ अटैक’ जैसी आतंकी घटनाएं घटित कराई जा सकें।
सरहद पार से जुड़ सकती है साजिश, आईएसआई लिंक की भी जांच
पुलिस का कहना है कि वीडियो की प्रारंभिक जांच से स्पष्ट होता है कि वह पाकिस्तान से संबंधित है। ऐसे में इस साजिश में पाकिस्तानी एजेंसियों खासकर आईएसआई की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस की टीमें अन्य जिलों और राज्यों में भी दबिश दे रही हैं ताकि इस साजिश में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी हो सके।
ककरौली युवा एकता व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल
जांच में यह भी पाया गया कि यह फर्जी वीडियो और ऑडियो “ककरौली युवा एकता” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल की गई थी। इस ग्रुप में सैकड़ों मेंबर हैं, और इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
निष्कर्ष: सजगता से रोकी गई बड़ी सांप्रदायिक साजिश
मुजफ्फरनगर पुलिस की सतर्कता और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम की सक्रियता से एक बड़ी साजिश का समय रहते पर्दाफाश हो गया। अगर समय रहते कार्रवाई न होती, तो कावड़ यात्रा के दौरान बड़ा सांप्रदायिक बवाल खड़ा हो सकता था।