प्रयागराज में बाल चिकित्सालय निर्माण में लापरवाही, फर्म ब्लैकलिस्ट; 55 लाख की बैंक गारंटी जब्त

Prayagraj Children's Hospital Construction: प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में बाल चिकित्सालय निर्माण में देरी पर यूपी सिडको ने फर्म को ब्लैकलिस्ट कर 55 लाख की बैंक गारंटी जब्त की।

Update:2026-10-13 22:21 IST

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Prayagraj Children's Hospital Construction: योगी सरकार ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में बाल चिकित्सालय के निर्माण में हीला-हवाली पर बड़ी कार्रवाई की है। यूपी सिडको ने बाल चिकित्सालय का निर्माण कर रही फर्म आरसीबी इन्फ्राकान्स का अनुबंध निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण एवं जन उपयोगी निर्माण कार्य को अनुबन्ध की निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण न करने के कारण की गई।

यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने फर्म के पंजीकरण में कूटरचित अभिलेखों एवं फर्म निदेशक के विरूद्ध दर्ज मुकदमे का तथ्य छिपाने के आरोप में फर्म को 05 वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है। साथ ही चिकित्सालय के निर्माण में अत्यधिक विलम्ब एवं लापरवाही के लिए फर्म के द्वितीय चरण का अनुबन्ध निरस्त करते हुए सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस गारंटी की धनराशि 55.00 लाख रुपये को भी जब्त कर लिया गया है। कार्य की महत्ता के दृष्टिगत बाल चिकित्सालय के अवशेष निर्माण कार्य को निगम द्वारा डीसीयू पैटर्न पर अविलंब पूर्ण कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए मुख्य अभियन्ता (पूर्व) एके निर्मल को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

एमडी ने निर्देश दिया कि निगम अभियन्ताओं द्वारा फर्म को किये गये अग्रिम भुगतान की वसूली भी की जायेगी। उपरोक्त बाल चिकित्सालय के निर्माण कार्य में निगम के अभियन्ताओं द्वारा की गयी लापरवाही तथा बिना कार्य पूर्ण कराये फर्म के पक्ष में आंशिक रूप से धनराशि अवमुक्त करने के दोषी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता राजेश चौधरी, अधिशासी अभियन्ता मनीष कुमार श्रीवास्तव एवं सहायक अभियन्ता धर्म शंकर त्रिपाठी के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

एमडी संजीव सिंह ने बताया कि फर्म का फर्जी प्रपत्रों के आधार पर पंजीकरण करने एवं त्रुटिपूर्ण निविदा प्रक्रिया के लिए प्रथमदृष्टया दोषी पूर्व अधीक्षण अभियन्ता/मुख्य अभियन्ता (सेवानिवृत्त) पंकज चोपड़ा के विरूद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सालय के निर्माण कार्य के लिए त्रुटिपूर्ण टेण्डर की कार्यवाही कर अनुबन्ध करने वाले तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता एवं मुख्य अभियन्ता (पूर्व) केजी दुबे के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। फर्मों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण के समस्त कार्य मुख्य अभियन्ता, मुख्यालय केजी दुबे से तत्काल प्रभाव से हटा दिए गए हैं। इस प्रकरण के दृष्टिगत निगम में फर्जी अनुभव एवं अन्य प्रपत्रों के आधार पर पंजीकरण कराने वाली अन्य फर्मों को भी चिह्नित किए जाने के निर्देश दिये गये हैं। दोषी पाए जाने पर इन फर्मों को भी ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। सरकार ने पूरे प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जनसेवा से जुड़े कार्यों में हीला-हवाली पर फर्मों और अभियंताओं पर कार्रवाई की जाएगी।

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