Raebareli News: अब एक आवाज पर होगा मरीजों का काम, CMS डॉ. पुष्पेंद्र कुमार की सराहनीय पहल
Raebareli News : रायबरेली जिला अस्पताल में हाईटेक वॉयस सिस्टम शुरू, अब एक आवाज पर मरीजों को मिलेगी हर जानकारी
Raebareli district hospital News
Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन आधुनिक पहल की है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के निर्देशन में पूरे अस्पताल परिसर को हाई-टेक वॉयस सिस्टम (माइक व्यवस्था) से लैस किया जा रहा है।
सभी विभागों में लग रहे हैं माइक और स्पीकर
मरीजों को भटकने से बचाने के लिए जिला अस्पताल के सभी महत्वपूर्ण काउंटरों और कक्षों में माइक व लाउडस्पीकर की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके तहत, ओपीडी (OPD) कक्ष और इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण काउंटर, पैथोलॉजी एवं जांच विभाग इन सभी जगहों पर अत्याधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम इंस्टॉल किया जा रहा है, जिससे अस्पताल की पूरी कार्यप्रणाली और सुलभ हो जाएगी।
न फोन करने का झंझट, न लगानी पड़ेगी दौड़
अक्सर देखा जाता है कि जिला अस्पतालों में मरीजों को अपनी बारी जानने, डॉक्टर की उपलब्धता का पता लगाने या दवा काउंटर पर भारी भीड़ के कारण काफी परेशान होना पड़ता था। तीमारदारों को एक कमरे से दूसरे कमरे तक दौड़ लगानी पड़ती थी या कर्मचारियों को फोन करना पड़ता था। CMS डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि, "इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब मरीजों या उनके परिजनों को किसी भी काम के लिए इधर-उधर दौड़ना नहीं पड़ेगा। एक सिंगल अनाउंसमेंट (आवाज) के जरिए मरीजों को उनकी बारी, जांच रिपोर्ट की स्थिति और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। इससे अस्पताल में बेवजह होने वाली भीड़ और अफरा-तफरी पर भी लगाम लगेगी।"
मरीजों और तीमारदारों में खुशी की लहर
इस डिजिटल और त्वरित संचार व्यवस्था से जिला अस्पताल आने वाले ग्रामीण व स्थानीय मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। अब बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को लंबी लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन की इस संवेदनशील और आधुनिक सोच की जनता जमकर तारीफ कर रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि डॉक्टरों और मरीजों के बीच का समन्वय भी मजबूत होगा।