Raebareli News: 'नाग-नागिन' ने बुजुर्ग महिला को 21 बार डंसा, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
Raebareli News: रायबरेली की बुजुर्ग महिला ने नाग-नागिन के जोड़े द्वारा 21 बार डंसने का दावा किया, 22वीं बार तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
'नाग-नागिन' ने बुजुर्ग महिला को 21 बार डंसा, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती (Photo- Newstrack)
Raebareli News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सांप काटने की अजीबोगरीब घटनाओं की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब पड़ोसी जिले रायबरेली से भी एक ऐसा ही हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग महिला ने दावा किया है कि उसे एक नाग-नागिन के जोड़े ने अलग-अलग समय और जगहों पर अब तक कुल 21 बार डंसा है।
कभी उड़ने वाले तो कभी रेंगने वाले सांप का दावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता सूरजकली मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के 'जुगाई का पुरवा' गांव की रहने वाली हैं। महिला और उनके बेटे राम विशाल का दावा है कि नाग-नागिन का जोड़ा पिछले काफी समय से महिला के पीछे पड़ा है। महिला का कहना है कि उसे कभी जमीन पर रेंगने वाले तो कभी हवा में उड़ने वाले सांप ने अपना शिकार बनाया। हैरत की बात यह है कि इतनी बार सांप के काटने के बाद भी हर बार महिला की जान बच गई। परिजनों के मुताबिक, वे अक्सर डॉक्टर के पास जाने के बजाय झाड़-फूंक और तांत्रिकों का सहारा लेते रहे हैं।
22वीं बार बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
परिजनों ने बताया कि जब महिला को '22वीं बार' सांप ने काटा, तो उसकी हालत गंभीर होने लगी। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सलोन ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रायबरेली के लिए रेफर कर दिया।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल के ईएमओ डॉक्टर वैभव शुक्ला ने पुष्टि की कि सलोन सीएचसी से स्नेक बाइट (सर्पदंश) का एक मामला आया था, जिसे तुरंत इलाज दिया गया।
वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस (चीफ मेडिकल सुप्रीटेंडेंट) डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि, मरीज को अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी से उसका इलाज किया। समय पर सही डॉक्टरी इलाज मिलने के कारण अब महिला पूरी तरह ठीक और सुरक्षित है।
अंधविश्वास या कोई और वजह?
वहीं चिकित्सकों और विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार ग्रामीण इलाकों में बिना जहर वाले (नॉन-वेनमस) सांपों के काटने या अंधविश्वास के चलते लोग ऐसी कहानियों पर यकीन कर लेते हैं। बहरहाल, यह मामला पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।