संभल में गरजा योगी का बुलडोजर! जमींदोज हुए अवैध मजार-ईदगाह, छावनी बना इलाका
Sambhal Encroachment Drive: संभल में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्व विभाग की रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश के बाद बुलडोजर चलाकर कथित अवैध मजार और ईदगाह को हटाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले हुई इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
Sambhal Encroachment Drive: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन का डंडा एक बार फिर पूरी ताकत से चला है। संभल जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुकर्रबपुर और मढ़न गांवों में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक ढांचों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विकास चंद्र और तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह की अगुवाई में अंजाम दी गई यह कार्रवाई राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट और न्यायिक मजिस्ट्रेट के कड़े फैसले के बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के अंतर्गत की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित संभल दौरे से ठीक पहले की गई इस बेहद संवेदनशील कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को काबू में रखने के लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
मुकर्रबपुर में बंजर जमीन पर चला पीला पंजा
अतिक्रमण हटाने का पहला बड़ा एक्शन हजरत नगर गढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुकर्रबपुर गांव में देखने को मिला। यहां करीब 312 वर्गमीटर की सरकारी बंजर जमीन पर बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से मजार और इमामबाड़े का निर्माण करा दिया गया था। इस मामले में क्षेत्रीय लेखपाल की ओर से मिली रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। प्रशासन ने इसके बाद गांव के लोगों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया, लेकिन जब ग्रामीणों की तरफ से इस अवैध निर्माण को लेकर कोई भी वैध सबूत या दावा पेश नहीं किया गया, तो प्रशासन की टीम दलबल और बुलडोजर के साथ मुकर्रबपुर पहुंची और अवैध कब्जे को पूरी तरह साफ कर दिया।
मढ़न गांव में भी ढहाया गया अतिक्रमण
अवैध निर्माणों को गिराने की दूसरी बड़ी कार्रवाई असमोली थाना क्षेत्र के मढ़न गांव में अमल में लाई गई। इस गांव में कब्रिस्तान के लिए आवंटित सरकारी भूमि के करीब 70 वर्गमीटर हिस्से पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से ईदगाह का निर्माण कर लिया गया था। इस गंभीर भूमि विवाद के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष तिवारी ने अतिक्रमण हटाने का अंतिम आदेश जारी किया था। कोर्ट का निर्देश मिलते ही तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल ने पुलिसकर्मियों और करीब 12 लेखपालों की संयुक्त टीम के साथ मौके पर धावा बोल दिया। विरोध की किसी भी आशंका को दरकिनार करते हुए प्रशासन ने इस अवैध ईदगाह के निर्माण को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर सरकारी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।