UP News: सावन शिवरात्रि पर शिवमय हुआ उत्तर प्रदेश, काशी से अयोध्या तक उमड़ा आस्था का सैलाब
UP News: सावन शिवरात्रि पर उत्तर प्रदेश के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। काशी विश्वनाथ, अयोध्या, मेरठ, प्रयागराज समेत प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक किया।
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लखनऊ, 11 अगस्त। सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को पूरा उत्तर प्रदेश शिवभक्ति में डूबा नजर आया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों से लेकर पूर्वांचल की काशी और रामनगरी अयोध्या तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भोर से ही शिवभक्त गंगाजल, बेलपत्र और पूजन सामग्री लेकर मंदिरों के द्वार पर पहुंचने लगे। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा।
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। कई स्थानों पर लगातार बारिश के बीच भी भक्त कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग, ड्रोन और अन्य माध्यमों से निगरानी की गई। कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था की गई।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रही काशी
सावन के सोमवार से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब मंगलवार को सावन शिवरात्रि पर भी जारी रहा। बाबा विश्वनाथ के दरबार में बड़ी संख्या में शिवभक्त और कांवड़िए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
काशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। कांवड़ मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। काशी के मृत्युंजय महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव, मार्कंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर और शूलटंकेश्वर महादेव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
पूरी काशी में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष सुनाई देते रहे। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं में जलाभिषेक और दर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
अयोध्या में शिवालयों के साथ रामलला के दर्शन को भी उमड़ी भीड़
रामनगरी अयोध्या भी सावन शिवरात्रि पर शिवभक्ति में सराबोर रही। भोर से ही विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतार लग गई। बड़ी संख्या में भक्तों ने पहले सरयू में स्नान किया और इसके बाद प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग और चरणबद्ध प्रवेश की व्यवस्था की गई। अयोध्या के अन्य शिवालयों में भी भक्तों ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मेरठ में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा
मेरठ के ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर में तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया।
करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ एटीएस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की तैनाती की गई। ड्रोन के जरिए भी लगातार निगरानी की गई। बागपत के प्रसिद्ध पुरा महादेव मंदिर में तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही।
गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में रात 12 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया था। भीड़ को देखते हुए मंदिर से करीब आधा किलोमीटर पहले ही वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया और यातायात डायवर्जन लागू किया गया।
डाक कांवड़ियों के लिए बनाए गए विशेष मार्ग
मुरादाबाद में भोर से ही सिद्धपीठ चौरासी घंटा, झारखंडी शिव मंदिर, महाकालेश्वर धाम और ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी। चौरासी घंटा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया और महाआरती में हिस्सा लिया।
सहारनपुर में हरिद्वार से गंगाजल लेकर हरियाणा और पंजाब की ओर जाने वाले कांवड़ियों की संख्या भी काफी रही। डाक कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष मार्ग बनाया गया। मुजफ्फरनगर और शामली के विभिन्न शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
प्रयागराज में चार प्रहर की पूजा की परंपरा
प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर, ब्रह्मेश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव और पड़िला महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की।
सावन शिवरात्रि पर रात्रि जागरण और चार प्रहर में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने इस परंपरा का विधिवत पालन किया। मंदिरों में देर रात तक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा।
बारिश भी नहीं रोक पाई शिवभक्ति
सावन शिवरात्रि पर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। छाता लेकर या बारिश में भीगते हुए भक्त मंदिरों की कतारों में खड़े नजर आए।
शिवालयों में सुबह से शुरू हुआ जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना की।