School Closed: यूपी के इस जिले में आज बंद रहेंगे स्कूल और कॉलेज, जानें DM ने क्यों दिया ये आदेश

School Closed: गुरु द्रोणाचार्य मेले के अवसर पर जिलाधिकारी ने छुट्टी के आदेश जारी करते हुए कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

Update:2025-08-21 08:26 IST

School Closed

School Closed: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में आज सभी स्कूल और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा की गयी है। गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी की तरफ से जारी किये गये आदेश में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा के दनकौर में गुरू द्रोणाचार्य मेले के आयोजन के अवसर पर सभी माध्यमिक, सीबीएसई, आईसीएसई, अशासकीय और वित्तविहीन मान्यता प्राप्त के स्कूल स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में गुरूवार (21 अगस्त)को अवकाश रहेगा। इसके साथ ही जिले के परिषदीय विद्यालयों में भी आज छुट्टी रहेगी। ग्रेटर नोएडा के दनकौर में गुरु द्रोणाचार्य मेले के दौरान सड़कों और चौराहों पर भारी जाम लग जाता है। इसी के दृष्टिगत विद्यालयों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है।

डीएम के आदेश की जानकारी देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अवकाश तालिका में कार्यकारी आदेशों के तहत 21 अगस्त (गुरूवार) को जनपद के सभी स्कूल और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा की गयी है। गुरु द्रोणाचार्य मेले के अवसर पर जिलाधिकारी ने छुट्टी के आदेश जारी करते हुए कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

डीएसआई ने कहा कि मेले के चलते लगने वाली भीड़ की वजह से विद्यार्थियों को परेशानी न हो। इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को सूचित किया गया है कि आज विद्यालय बंद रहेंगे। ग्रेटर नोएडा के दनकौर में वृहद स्तर पर गुरू द्रोणाचार्य मेले का आयोजन किया जाता है। मेले के चलते शहर के कई रास्तों को बंद कर दिया जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। महाभारत काल में कौरव और पांडवों के गुरू द्रोणाचार्य के नाम पर ही यह मेला आयोजित होता है।

10 दिन चलता है गुरू द्रोणाचार्य मेला

ग्रेटर नोएडा के दनकौर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद हर साल गुरु द्रोणाचार्य मेले का आयोजन किया जाता है। गुरू द्रोणाचार्य मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव का अनोखा संगम है। दनकौर में लगने वाला यह मेला करीब 10 से 12 दिनों तक चलता है और मेले को देखने के लिए दूर-दूर से लोग एकत्रित होते हैं। मेले का आकर्षण कबड्डी, नाटक, दंगल, भजन संध्या, मीनाबाजार और झूले हैं। मेले की भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था सुव्यस्थित रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किये जाते हैं।

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