Shamli News: करनाल–सहारनपुर हाईवे पर बड़ा हादसा टला, ब्रिज का साइड स्लैब खिसका
Shamli News: शामली में करनाल–सहारनपुर हाईवे पर निर्माणाधीन ब्रिज का साइड हिस्सा खिसक गया, जिससे मलबा खेत में गिरने से फसल को नुकसान पहुंचा। किसानों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
Shamli News (Image Credit-Newstrack)
Shamli News: शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव बधेव के जंगल में करनाल–सहारनपुर हाईवे पर निर्माणाधीन ब्रिज का साइड हिस्सा खिसकने का मामला सामने आया है। दरअसल ब्रिज का मलबा पास के खेत में जा गिरा, जिससे किसान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद किसानों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, नुकसान के कारण और निर्माण में कथित अनियमितताओं की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
गांव बधेव के जंगल से गुजर रहे करनाल–सहारनपुर हाईवे पर निर्माणाधीन ब्रिज का एक साइड हिस्सा अचानक खिसक गया। ब्रिज से गिरा मलबा सीधे पास के खेत में जा गिरा, जहां किसान की खड़ी फसल थी। किसानों का कहना है कि इस घटना में उनकी लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान मौके पर पहुंच गए और उन्होंने निर्माण कार्य पर सवाल खड़े किए। किसानों का आरोप है कि ब्रिज निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि अगर समय रहते गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता तो इस तरह की घटना नहीं होती।
किसानों ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे और दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर भी निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ चुके हैं। अब करनाल–सहारनपुर हाईवे पर ब्रिज का हिस्सा खिसकने की घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही घटना उस समय होती जब ब्रिज के नीचे से वाहन गुजर रहे थे, तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्रभावित किसान को उचित मुआवजा देने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।