Shamli News: शामली में धूमधाम से मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस
Shamli News: शामली में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समारोह में शहीदों को सम्मानित किया।
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Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में आज़ादी का 79वां पर्व बड़े धूमधाम और गरिमामय माहौल में मनाया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जैसे ही तिरंगा हवा में लहराया, पूरा परिसर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपनी जान की आहुति देकर हमें आज़ादी दिलाई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "आज़ादी सिर्फ एक उपहार नहीं, बल्कि एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसे हमें एकजुट होकर निभाना है।"कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ सांकेतिक पैदल मार्च भी निकाला। यह मार्च शहर की सड़कों से गुजरते हुए देश की एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश देता हुआ आगे बढ़ा। इस मार्च में स्कूली बच्चे, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत, नृत्य और कविताओं की प्रस्तुति दी। बच्चों के चेहरों पर तिरंगे के रंगों का प्रभाव साफ़ दिखाई दे रहा था और उनकी आंखों में देश के प्रति गर्व था। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने मार्च पास्ट कर अधिकारियों का अभिवादन किया।कलेक्ट्रेट परिसर को तिरंगे के रंगों से सजाया गया था, जहां हर तरफ़ केसरिया, सफ़ेद और हरे रंग की झंडियां लहराती नजर आईं। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीद परिवारों का सम्मान भी किया गया। जिलाधिकारी ने शहीदों के परिजनों को प्रतीक चिन्ह और सम्मान-पत्र भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।
समारोह में अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर देश की आज़ादी के 79 साल पूरे होने पर गर्व व्यक्त किया और संकल्प लिया कि हम अपने देश को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रगान हुआ और आसमान में दर्जनों तिरंगे गुब्बारे छोड़े गए, जो आज़ादी के इस महापर्व का प्रतीक बनकर दूर तक उड़ते रहे।