Sonbhadra News: किसानों का फूटा गुस्सा, ADM को सौंपा ज्ञापन, रजिस्ट्री गड़बड़ी, खाद संकट पर उठे सवाल
Sonbhadra News: किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर फार्मर रजिस्ट्री की खामियां दूर करने, खाद रैक सीधे सोनभद्र लाने और डीजल व्यवस्था सुधारने की मांग की।
किसानों का फूटा गुस्सा, ADM को सौंपा ज्ञापन, रजिस्ट्री गड़बड़ी, खाद संकट पर उठे सवाल (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सोनभद्र। खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एडीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री की खामियों, खाद आपूर्ति व्यवस्था, डीजल वितरण नीति और छोटे दुकानदारों के कथित उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री में गड़बड़ी से बढ़ी किसानों की चिंता
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का आरोप है कि फार्मर रजिस्ट्री के दौरान बड़े पैमाने पर तकनीकी त्रुटियां सामने आ रही हैं। जिले के अनेक किसानों की भूमि अलग-अलग गांवों में स्थित है, लेकिन पोर्टल पर केवल एक गांव की जमीन ही दिखाई दे रही है। इससे किसानों की अन्य भूमि का रिकॉर्ड छूटने की आशंका बढ़ गई है।
संगठन के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि यदि इन खामियों को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में किसानों को खाद, बीज और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने राजस्व विभाग से विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की मांग की।
खाद रैक व्यवस्था पर सवाल, सीधे सोनभद्र में उतारने की मांग
मोर्चा ने उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि सोनभद्र के लिए आने वाली खाद रैक पहले वाराणसी और मिर्जापुर में उतारी जाती हैं, जिसके बाद उन्हें जिले तक पहुंचाया जाता है। इससे परिवहन लागत बढ़ती है और किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाती।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि उर्वरक रैक सीधे सोनभद्र रेलवे स्टेशन पर उतारी जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके और अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम किया जा सके।
किसानों को गैलन-जर्किन में डीजल देने की उठी मांग
संदीप मिश्रा ने डीजल-पेट्रोल वितरण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खेती का बड़ा हिस्सा डीजल आधारित संसाधनों पर निर्भर है। सिंचाई, जुताई और कृषि यंत्रों के संचालन के लिए किसानों को नियमित रूप से डीजल की आवश्यकता होती है।
उन्होंने मांग की कि किसानों को उनके गैलन और जर्किन में डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, जबकि बड़े उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत अधिक सुविधाएं मिल रही हैं।
धधरौल डैम क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी वालों के उत्पीड़न का आरोप
मोर्चा ने धधरौल डैम क्षेत्र में छोटे दुकानदारों और किसानों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया। संगठन का आरोप है कि साग-सब्जी, चाय-पान और छोटी दुकानों से जीविका चलाने वाले लोगों से कथित रूप से अवैध वसूली की मांग की जा रही है।
संगठन ने कहा कि पैसा न देने पर लोगों को उजाड़ने की धमकी दी जा रही है और नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
ज्ञापन सौंपने के दौरान संदीप मिश्रा ने कहा कि किसान पहले से ही महंगाई, मौसम की मार और बढ़ती खेती लागत से परेशान हैं। ऐसे में प्रशासनिक खामियां उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फार्मर रजिस्ट्री की त्रुटियां दूर नहीं की गईं, सोनभद्र में खाद रैक उतरवाने की व्यवस्था नहीं हुई और किसानों को डीजल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल नहीं बनाई गई, तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान आकाश चौहान, शत्रुधन बिंद, मनोज अग्रहरि, राजेश मौर्य, नंदू जायसवाल, सुरेश जायसवाल, विजय चौहान, सूरज कनौजिया, संजय बियार, सुजीत विश्वकर्मा, विजय धागर, नागेंद्र तिर्की, प्रमोद तिर्की, धीरज कनौजिया, अवधेश जाटव, बासमती चेरो, कौशल्या बिंद, हेमा बिंद, दुलारी कुशवाहा, राजू मौर्य सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे। किसानों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।