Sultanpur News: महिला ने लगाए चरित्र हनन के आरोप, विधायक विनोद सिंह ने बताया मनगढ़ंत
Sultanpur News: विधायक विनोद सिंह ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित दंपति के खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज है और मामले की सच्चाई जांच में सामने आएगी।
महिला ने लगाए चरित्र हनन के आरोप, विधायक विनोद सिंह ने बताया मनगढ़ंत (Photo- Newstrack)
Sultanpur News: सुल्तानपुर विधायक और पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने एक महिला की ओर से लगाए गए चरित्र संबंधी आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। उनका दावा है कि महिला और उसके पति के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है और अब दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके खिलाफ चरित्र हनन के आरोप लगा रहे हैं।
विधायक ने बताया कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
विनोद सिंह के मुताबिक, कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बेलासदा निवासी शशांक पांडेय और उसकी पत्नी सोनिया उर्फ सोनी पांडेय लखनऊ स्थित उनके अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल पर किराए के फ्लैट में रहते थे। विधायक का कहना है कि शशांक पांडेय उनके विधानसभा क्षेत्र का निवासी होने के कारण उनसे मेलजोल बढ़ाने लगा। इस दौरान उसने खुद को आईएएस अधिकारी और प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात बताया। विधायक के अनुसार, शशांक ने केंद्रीय भंडारण निगम के चेयरमैन आशीष चौधरी को अपना परिचित बताते हुए एफसीआई का गोदाम दिलाने की बात भी कही।
वेयरहाउस के नाम पर दस्तावेज देने का लगाया आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि शशांक पांडेय ने वेयरहाउस निर्माण के लिए कुछ कागजात तैयार करवाए, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। उनका कहना है कि बार-बार कहने पर शशांक ने केंद्रीय भंडारण निगम के लेटरहेड पर कथित अनापत्ति प्रमाणपत्र उनके व्हाट्सऐप पर भेजा।
विनोद सिंह के मुताबिक, दस्तावेज पर संदेह होने के बाद उन्होंने केंद्रीय भंडारण निगम के दिल्ली कार्यालय से इसकी जानकारी कराई। उनका दावा है कि जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद जब उन्होंने शशांक पांडेय से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने और उसकी पत्नी ने अपने फोन बंद कर दिए और अपार्टमेंट छोड़कर चले गए।
हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने का दावा
विधायक के अनुसार, इसके बाद उन्होंने लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में शशांक पांडेय और उसकी पत्नी सोनिया उर्फ सोनी पांडेय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 336(2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया। उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने का भी किया जिक्र
विनोद सिंह ने बताया कि शशांक पांडेय ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। विधायक के मुताबिक, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए विवेचक के समक्ष जाने को कहा। उनका आरोप है कि इसके बाद शशांक पांडेय ने अपनी पत्नी को आगे कर उनके खिलाफ चरित्र हनन करने वाले आरोप लगवाने शुरू कर दिए। विधायक ने वायरल वीडियो में लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गिरफ्तारी से बचने की कोशिश बताया है।
न्यायपालिका पर जताया भरोसा
विनोद सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और अनर्गल हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और निष्पक्ष जांच में पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
हालांकि, महिला का वीडियो सामने आने के बाद विधायक ने पत्र जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है।