‘रोम-रोम में दर्द है, फिर भी...’, प्रेमानंद जी महाराज ने बताया जीवन के कष्टों से निकलने का रास्ता

Premanand Ji Maharaj News: राधावल्लभ संप्रदायक के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दूर-दराज से भक्त आते हैं और बेझिझक होकर अपने मन की व्यथा को कहते हैं। महाराज भी सभी की बातों को धैयपूर्वक सुनते हैं और मार्गदर्शन करते हैं।

Update:2025-07-20 13:58 IST

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Premanand Ji Maharaj News: मथुरा जनपद के वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद जी महाराज की बातें सुनकर जीवन को जीने और कष्टों का सहने का मार्ग मिल ही जाता है। राधावल्लभ संप्रदायक के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दूर-दराज से भक्त आते हैं और बेझिझक होकर अपने मन की व्यथा को कहते हैं। महाराज भी सभी की बातों को धैयपूर्वक सुनते हैं और मार्गदर्शन करते हैं।

ऐसे ही उनके आश्रम में पहुंचे एक भक्त ने महाराज से जीवन के कष्टों के निवारण को लेकर सवाल पूछा। प्रेमानंद जी महाराज ने भी भक्त को सहज भाव में सद्मार्ग पर चलने का रास्ता प्रशस्त किया। महाराज लोगों के सवालों का इतना साधारण तरीके से जवाब देते हैं कि उनका अनुसरण करना हर किसी के लिए काफी आसान होता है।

हम भी तुम्हारी तरह डिप्रेशन में चले जाएंः महाराज

भक्त के सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि अगर हम भगवान से न जुड़े हो तो हम भी तुम्हारी तरह डिप्रेशन में पहुंच जाएं और यह मनाएं कि मौत हो जाए। एक कष्ट गिनाएं तुम्हें। सैकड़ों कष्ट हैं। फिर हम तुम्हारे सामने सिंह की तरह दहाड़ रहे हैं, कोई नाटक नहीं कर रहे। उन्होंने आगे कहा कि अगर पेट में दर्द होगा तो बोल भी नहीं सकेंगे। यहां तो रोम-रोम में दर्द है।

उन्होंने कहा कि मृत्यु का भय नहीं, कोई आकांक्षा भी नहीं है। हम हमेशा दर्द से लड़ने के लिए तैयार खड़े हैं। किसके बल पर केवल और केवल भगवान के बल पर। अगर भगवान के बल को स्वीकार नहीं करेंगे तो संसार का बल रौंद देगा। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ और मोह यह सब नष्ट कर देंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी से मुक्ति पाने के लिए नाम जप करो। गंदे आचरण से दूर रहो। गंदा भोजन कभी मत करो। इससे बुद्धि शुद्ध होगी और शुद्ध बुद्धि में ही ज्ञान का वास होता है।

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