BJP News: राजनाथ सिंह के बेटे से लेकर मनोज सिन्हा के लाल तक... यूपी में बीजेपी के इन स्टार किड्स की टिकट को लेकर दावेदारी तेज

BJP Ticket 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कई दिग्गज नेताओं के बेटे-बेटियां राजनीतिक मैदान में सक्रिय हो गए हैं। नीरज सिंह, अभिनव सिन्हा, करण महाना, श्रुति गंगवार, शालिनी सिंह, मयंक जोशी और आकांक्षा सिंह जैसे नाम अपनी राजनीतिक विरासत संभालने की तैयारी में जुटे हैं, जिससे प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं।

Update:2026-06-04 19:51 IST

BJP Ticket 2027: उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव राजनीतिक गलियारों में एक नई करवट लेते दिखाई दे रहे हैं। इस बार प्रदेश की सियासत में कई दिग्गज नेता अपने बच्चों को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने की तैयारी में हैं। हालांकि अभी तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकटों का कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इन युवा चेहरों ने जमीन पर अपनी सक्रियता और जनता के बीच मेल-मिलाप काफी बढ़ा दिया है। इस फेहरिस्त में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह से लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बेटे अभिनव सिन्हा जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।

लखनऊ पूर्व से नीरज सिंह की दावेदारी

लखनऊ की राजनीति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह इन दिनों काफी चर्चा बटोर रहे हैं। उनके बड़े भाई पंकज सिंह पहले से ही विधायक हैं, और अब नीरज सिंह को लेकर अटकलें तेज हैं। नीरज पिछले लंबे समय से लखनऊ में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और अपने पिता की गैर-मौजूदगी में पार्टी के कार्यक्रमों को संभालते रहे हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि भाजपा उन्हें लखनऊ पूर्व विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है या फिर संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। लीड्स यूनिवर्सिटी से शिक्षित नीरज सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं।

गाजीपुर के मैदान में अभिनव सिन्हा

इसी तरह गाजीपुर की राजनीति में अभिनव सिन्हा का नाम तेजी से उभर रहा है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बेटे अभिनव को गाजीपुर सदर सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उनके नाम की चर्चा थी, लेकिन इस बार उनकी संभावनाएं ज्यादा मजबूत दिख रही हैं। तकनीकी विशेषज्ञ अभिनव सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। चूंकि इस सीट से पिछली बार चुनाव लड़ने वालीं संगीता बलवंत अब राज्यसभा जा चुकी हैं, इसलिए भाजपा को यहां एक नए चेहरे की तलाश है। वर्तमान में इस सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है।

करण महाना और श्रुति गंगवार की सक्रियता

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बिजनेसमैन बेटे करण महाना भी अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र महाराजपुर में काफी सक्रिय हो गए हैं। वह भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। वहीं दूसरी तरफ, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार बरेली जिले की बहेड़ी सीट से मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार के लोकसभा पहुंचने के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा को नए चेहरे की जरूरत है। मुस्लिम और कुर्मी बाहुल्य इस क्षेत्र के सियासी समीकरण श्रुति के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

शालिनी सिंह की राह में नोएडा की चुनौती

नोएडा के सियासी मैदान में पूर्व विधायक बृज भूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। पेशे से वकील, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी नोएडा सिटिजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर जनता के मुद्दे उठाती रही हैं। हाल ही में सूर्या चौहान हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलकर उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नोएडा सीट का प्रतिनिधित्व फिलहाल पंकज सिंह कर रहे हैं, ऐसे में पार्टी उनके दावों को कितनी तवज्जो देगी, यह देखने वाली बात होगी।

मयंक जोशी और आकांक्षा सिंह का भविष्य

लखनऊ कैंट सीट को लेकर रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी की चर्चाएं भी दोबारा शुरू हो गई हैं। पिछले चुनाव में टिकट न मिलने पर मयंक समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे, लेकिन उनकी मां रीता बहुगुणा जोशी भाजपा में ही बनी रहीं। अब सूत्र बताते हैं कि रीता अपने बेटे की भाजपा में वापसी और टिकट के लिए प्रयास कर रही हैं, भले ही मयंक ने अभी तक औपचारिक रूप से सपा नहीं छोड़ी है।

उधर अमेठी में पूर्व सांसद संजय सिंह की बेटी आकांक्षा सिंह भी अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की तैयारी में हैं। सुप्रीम कोर्ट की वकील आकांक्षा अपनी मां अमीता सिंह के साथ मिलकर क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर रही हैं और अपनी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटी हैं।

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