नंबर प्लेट गायब, 3 सवारी... तो खैर नहीं! वाराणसी में एक ही दिन में 1000 से ज्यादा चालान, पुलिस कमिश्नर ने सिखाया सबक

Varanasi traffic police 1000 challans in one day: वाराणसी में पुलिस का बड़ा एक्शन! नंबर प्लेट गायब, तीन सवारी और काली फिल्म वालों पर चला डंडा। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में एक ही दिन में 1000 से ज्यादा चालान और 142 वाहन सीज किए गए।

Update:2026-05-07 22:58 IST

Varanasi traffic police 1000 challans in one day: धर्मनगरी काशी की सड़कों पर आज नजारा कुछ बदला-बदला सा था। अपराध पर लगाम लगाने और ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वाराणसी पुलिस अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में आ गई है। गुरुवार, 07 मई 2026 को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में एक ऐसा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसने नियम तोड़ने वालों की नींद उड़ा दी। यह केवल एक रूटीन चेकिंग नहीं थी, बल्कि अपराधियों और लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों के लिए एक सीधा संदेश था कि काशी में अब कानून का राज और भी सख्त होने वाला है।

जब कप्तान ने खुद संभाली कमान: पहड़िया और जेएचवी मॉल में हड़कंप

वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने केवल दफ्तर में बैठकर आदेश नहीं दिए, बल्कि उन्होंने खुद फील्ड पर उतरकर मोर्चा संभाला। कमिश्नर अचानक पहड़िया और जेएचवी मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में चल रही चेकिंग का निरीक्षण करने पहुंच गए। उनके अचानक पहुंचने से मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों में तत्परता बढ़ गई, तो वहीं संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सुरक्षा में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर संदिग्ध पर पैनी नजर रखी जाए ताकि काशी आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

आंकड़ों की जुबानी पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'

इस महा-अभियान के दौरान यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मिलकर शहर के मुख्य चौराहों की घेराबंदी की। पुलिस का डंडा उन लोगों पर सबसे ज्यादा चला जो बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी या गलत दिशा में वाहन चला रहे थे। कार्रवाई की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुल 1082 वाहनों का चालान काटा गया। इतना ही नहीं, 142 वाहनों को गंभीर अनियमितताओं के चलते मौके पर ही सीज कर दिया गया। रसूख दिखाने वाले 31 लग्जरी वाहनों के शीशों से काली फिल्म भी उतरवाई गई। चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ एक लावारिस वाहन भी लगा, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

नवागत आरक्षियों को मिला 'ऑन-फील्ड' सबक

इस अभियान का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि पुलिस आयुक्त ने इसे एक ट्रेनिंग क्लास में बदल दिया। उन्होंने चेकिंग के दौरान मौजूद नए सिपाहियों (आरक्षियों) को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जवानों को सिखाया कि कैसे शालीनता और कड़ाई के बीच संतुलन बनाकर संदिग्धों की पहचान करनी है। कमिश्नर ने नए जवानों को बताया कि कानून का पालन कराते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना और जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना कितना जरूरी है। वाराणसी पुलिस के इस सख्त रुख ने साफ कर दिया है कि अब काशी की गलियों में अपराधी सिर नहीं उठा पाएंगे।

Tags:    

Similar News