योगी सरकार के एक मंत्री के गनर ने युवती की दरिंदगी, शादी का झांसा देकर 4 साल तक किया रेप
OP Rajbhar Gunner Arrest: कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ चार साल तक दुष्कर्म करने और बाद में दूसरी शादी करने का आरोप लगा है।
OP Rajbhar Gunner Arrest
OP Rajbhar Gunner Arrest: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े एक गंभीर मामले ने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ चार साल तक दुष्कर्म करने और बाद में दूसरी शादी करने का आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और विभाग ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है।
यह घटना सारनाथ थाना क्षेत्र की है। पीड़ित युवती यहीं पर एक ब्यूटी पार्लर चलाती है। उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मिर्जापुर के ड्रमंडगंज निवासी प्रशांत राय (29) पिछले चार वर्षों से उसके संपर्क में था। इस दौरान उसने शादी का झांसा देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया। युवती के अनुसार, जब उसने विवाह का दबाव बनाया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसका जबरन गर्भपात कराया। इसी बीच 25 अप्रैल को उसने चुपचाप दूसरी युवती से शादी कर ली। इसकी जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी के अनुसार, 3 मई को आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी उस समय गाजीपुर पुलिस लाइन में तैनात था और मंत्री ओपी राजभर के गनर के रूप में ड्यूटी कर रहा था। पुलिस जब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी, तब वह फरार हो गया था। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीकी रणनीति अपनाई। उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उसे पूछताछ के बहाने थाने बुलाया गया।
प्रशांत राय अपने भाई के साथ सारनाथ थाने पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उसके बयान विरोधाभासी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने शुरुआत में अपनी वीवीआईपी ड्यूटी की जानकारी छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।